|
चीताखेड़ा । श्वेतांबर जैन धर्म का सबसे पवित्र आध्यात्मिक पर्वों के राजा पर्वाधिराज पर्यूषण का समापन मंगलवार को क्षमापना के साथ किया गया। जैन समाज के धर्मावलंबियों ने मन, वचन व काया से जाने अनजाने में जीव मात्र को पहुंची पीड़ा त्रुटि के लिए मिच्छामि दुक्कड़म कह कर क्षमा याचना की। महासंवत्सरी पर्व समस्त जीव दया और पवित्र दिन है। जाने -अनजाने में जो भूल या गलतियां हुई है, उन पर आत्मचिंतन करने का दिन है।मातृ ह्रदया वात्सल्य मूर्ति साध्वी श्री अभय पूर्णा श्रीजी म.सा.की निश्रा में सरल स्वभावी विदुषी साध्वी श्री धृति पूर्णा श्रीजी म.सा.ने कल्पसूत्र शास्त्र के सभी प्रवचन की वाचना करते हुए का समापन मंगलवार दोपहर में सुश्रावकों ने किया। इसमें ज्ञान की पूजा एवं मंदिर में होने वाली वर्ष भर की होने वाली धार्मिक गतिविधियों एवं अष्ट प्रकारी पूजा चढ़ावे की बोलियां बोल कर लाभार्थियों ने लाभ उठाया। पर्युषण महापर्व के 8दिवस में श्री मुनि सुव्रत स्वामी और श्री चंद्रप्रभ स्वामी की दिव्य प्रतिमा की प्रतिदिन विशिष्ट अंगरचना की गई। इस पर्व पर जिनशासन के सभी श्रावक-श्राविकाओं ने वर्ष भर का सबसे बड़ा प्रतिकमण किया गया। इस अवसर पर श्वेतांबर जैन समाज के पर्युषण पर्व के अंतिम आठवें दिवस क्षमा याचना दिवस साधक साधिकाओं ने एक-दूसरे को मिच्छामि दुक्कड़म कहा और अपने से जाने अनजाने में हुई भूल के लिए प्रेषित कर क्षमा मांगी। संवत्सरी पर्युषण महापर्व विभिन्न साधना आराधना एवं तपस्याओं के साथ संपन्न हुआ। गुरुवार को निकलेगा प्रभु श्री महावीर स्वामी और 14 तपस्वियों का भव्य वरघोडा चीताखेड़ा । स्थानीय श्री मुनि सुव्रत स्वामी जिनालय पर जैन श्री संघ की विशेष विनती पर चातुर्मास (वर्षावास) हेतु विराजित सरल स्वभावी विदुषी परम् पूज्या साध्वी श्री धृति पूर्णा श्रीजी म.सा. मातृ ह्रदया वात्सल्य मूर्ति साध्वी श्री अभय पूर्णा श्रीजी म.सा. की पावन प्रेरणा एवं निश्रा में 8 दिवसीय पर्युषण पर्व पर तप, तपस्या, एकासना एवं आयंविल करने की श्रावक-श्राविकाओं में होडा होड मची हुई है। इसी श्रृंखला में 30 दिन की कठोर तपस्या करने वाले एक मासक्षमण तपस्वी और 45 दिवस की सिद्धि तप की आराधना करने वाले 5 सिद्धि तप के तपस्वियों व 7 अठ्ठाई उपवास तथा 16 उपवास करने वाले तपस्वी के तपस्वियों का वरघोड़ा संवत्सरी के अगले दिन 17 सितंबर 2026 गुरुवार को श्री मुनि सुव्रत स्वामी जिनालय से गाजे-बाजे के साथ निकलेगा। एक तपस्वी नीतू बेन गोदावत द्वारा मासक्षमण, तपस्वी रिया बेन मंडलेचा ने सिद्धी तप, तपस्वी जयती बेन मंडलेचा ने सिद्धी तप, तपस्वी श्रेया बेन खिमेसरा ने सिद्धी तप, तपस्वी मोना बेन गोदावत ने सिद्ध तप, तपस्वी आशा बेन झातरिया ने सिद्धी तप, तपस्वी सोनाली बेन मंडलेचा ने 16 उपवास, तपस्वी प्रवेश कुमार झातरिया ने अठ्ठाई तप, तपस्वी अमीषी बोहरा ने अठ्ठाई तप, तपस्वी कशिश खिमेसरा ने अठ्ठाई तप, तपस्वी अंशु चपलोत (कुकु) ने अठ्ठाई तप, तपस्वी मोक्षी बोहरा ने अठ्ठाई तप, तपस्वी संगीता बेन झातरिया ने अठ्ठाई तप, तपस्वी सरोज बेन कंकरेचा ने अठ्ठाई तप करके जैन श्री संघ को गौरवान्वित किया है तपस्वी रत्न का और संवत्सरी के अंतिम दिन भगवान श्री महावीर स्वामीजी का भव्य वरघोडा एवं सामुहिक पारणा महोत्सव कार्यक्रम कल दिवस 17 सितम्बर 2026 बुधवार को प्रातः 11 बजे प्रभु जी की विशेष आरती के पश्चात् गांव के विभिन्न मार्गों से बैंड बाजों व ढोल ढमाको के साथ निकला जाएगा। तपस्वियों के कठोर तप की अनुमोदनार्थ साध्विवर्या की प्रेरणा एवं पावन निश्रा में सामुहिक पारणा किया जाएगा। रिपोर्ट : दशरथ जी माली |