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सेवा संकल्प अभियान......कहानी बदलाव की आगर-मालवा : आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण का सुंदर संगम आगर-मालवा जिले की आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं ने प्रस्तुत किया है। समूह महिलाओं द्वारा निर्मित मिट्टी एवं गोबर से बनी भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं को शहरवासियों का भरपूर समर्थन मिला। मात्र पांच दिवस में लगभग 80 हजार रुपये की प्रतिमाओं का विक्रय कर महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा और महिलाओं को आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में किया गया यह प्रयास पूरी तरह सफल रहा। इस सफलता से उत्साहित समूह महिलाओं ने आज जिला पंचायत पहुँचकर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बी.एस. सोलंकी का सम्मान कर आभार व्यक्त किया। आवर ग्राम की श्रीमती भग्गू बाई, श्रीमती राधा बाई एवं श्रीमती रम्भा बाई ने कहा कि आजीविका मिशन के माध्यम से उन्हें पारंपरिक कार्यों से आगे बढ़कर नए अवसर मिल रहे हैं। अपने हाथों से तैयार प्रतिमाओं की बिक्री और उससे प्राप्त आय को उन्होंने उत्साहवर्धक उपलब्धि बताया। उल्लेखनीय है कि आजीविका मिशन से जुड़े दो स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा शहर में मिट्टी एवं गोबर के गणेश जी की प्रतिमाओं का विक्रय स्टॉल लगाया गया था। पर्यावरण हितैषी इन प्रतिमाओं को शहरवासियों ने न केवल पसंद किया, बल्कि स्थानीय महिलाओं के प्रयास को प्रोत्साहित करते हुए उत्साहपूर्वक खरीदारी भी की। समूह महिलाओं द्वारा निर्मित मिट्टी के गणेश जी की प्रतिमा को गत दिनों जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री जी को भी भेंट किया गया। मुख्यमंत्री डॉक्टर डॉक्टर मोहन यादव ने स्टॉल भ्रमण के दौरान प्रतिमा निर्माण कार्य की सराहना करते हुए महिलाओं का उत्साहवर्धन किया। महिलाओं का हौसला बढ़ाने के लिए कलेक्टर डॉ शेर सिंह मीना ने स्वयं स्टॉल पर पहुँचकर गणेश प्रतिमा क्रय की। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के गत दिवस आगर में आयोजित कार्यक्रम के मे देवास सांसद श्री महेन्द्र सिंह सोलंकी ने भी प्रतिमा क्रय करते हुए महिलाओं द्वारा किए जा रहे इस नवाचार को आगे बढ़ाने की बात कही। पिछले वर्ष की पहल को मिला इस वर्ष और विस्तार पर्यावरण अनुकूल गणेश प्रतिमाएं तैयार करने की यह पहल नई नहीं है। गत वर्ष लाड़वन की रम्भा बाई एवं अन्य समूह महिलाओं द्वारा गोबर से गणेश जी की प्रतिमाएं तैयार की गई थीं, जिसे शहरवासियों ने भरपूर समर्थन दिया था। पिछले वर्ष मिली सफलता से प्रेरित होकर इस वर्ष महिलाओं ने मिट्टी एवं गोबर दोनों से गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया, जिसे अच्छी मांग मिली। जिला परियोजना प्रबंधक *श्री संजय सक्सेना ने बताया कि मिशन के माध्यम से महिलाओं को नए-नए प्रशिक्षण उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे पारंपरिक कार्यों से बाहर निकलकर आजीविका के नए अवसरों से जुड़ रही हैं और बेहतर आय अर्जित कर रही हैं। इन महिलाओं को आरसेटी एवं माटी कला बोर्ड के माध्यम से प्रशिक्षण दिलाया गया है। मिट्टी एवं गोबर के गणेश जी का निर्माण एवं विक्रय महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ-साथ पर्यावरण एवं सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की दिशा में भी एक सार्थक प्रयास है। पांच दिवस की यह कमाई इस बात का प्रमाण है कि यदि महिलाओं के हुनर को उचित प्रशिक्षण, बाजार और समाज का सहयोग मिले तो वे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर नए व्यवसाय के अवसर भी तैयार कर सकती हैं। |