|
चीताखेड़ा । स्थानीय गांव सहित समूचे अंचल में सोमवार को गणेश चतुर्थी पर्व की उत्साह के साथ शुरूआत हुईं। आकर्षक सजावट लिए सुंदर मंडप और घर- घर, चौक चौराहों ,गली मोहल्लों तथा सार्वजनिक देवालयों में विराजे गौरी पुत्र गणेश को लगाया लड्डूओं का भोग। इस दौरान गणपति बप्पा मोरिया...., मंगल मूर्ति मोरिया ....के जय जय कारों से अंचल गूंजायमन होता रहा। मंगलवार से 10 दिवसीय गणेशोत्सव प्रारंभ हो गया। अंचल के हर घर गली ,मोहल्लों, चौक चौराहों पर चलेगी गणपति बप्पा मोरिया आराधना की धूम में हर कोई लिन। गणपति बप्पा मोरिया, देवा हो देवा गणपति देवा के जयकारों से अंचल गणेशमय में हो गया। अंचल में 10 दिवसीय गणेशोत्सव को लेकर खासा उत्साह है। सुखकर्ता- दुखहर्ता देवों में देव प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता गौरी पुत्र गणेश ढोल धमाकों के साथ चार लड्डू चोरिया- गणपति बप्पा मोरिया जयघोष के साथ कोई टेंपों में तो कोई ट्रैक्टर में तो कोई मोटरसाइकिल पर तो कोई (हाथगाडी) थेलागाडी तो कोई सिर पर शिरोधार्य कर पूजा पंडाल तक ले गए , जहां पूजा पंडाल में विधि विधान , वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विराजमान किए गए हैं। बप्पा को लगाया लड्डओं का भोग। वही गांव सहित अंचल के गणेश मंदिरों एवं पंडालों में भी सुगंधित फूलों ,विद्युत बल्बों आदि से सजावट की है। गांव का सबसे प्राचीन माली मौहल्ले में स्थित शिव मंदिर पर माली समाज गणेश उत्सव समिति के तत्वावधान में 44 वर्षों से श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास पूर्वक गणेशोत्सव मनाते आ रहे हैं। इसी कड़ी में इस बार 15 सितंबर 2026 मंगलवार को माली समाज गणेशोत्सव की परंपरानुसार अपना 45 वां गणेशोत्सव मनाया जा रहा है। रिपोर्ट : दशरथ जी माली |