रतलाम। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर जिला चिकित्सालय परिसर स्थित कष्ट निवारण बालाजी मंदिर में गुरुदेव महंत मनोहर दास जी बैरागी (घिनोदा वाले) के सानिध्य में भव्य एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भगवान श्री हनुमान जी के जयघोष, मंत्रोच्चार, दीपों की पावन ज्योति और भजन-कीर्तन से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।
श्रद्धालुओं ने गुरु वंदना करते हुए राष्ट्र, समाज और मानव कल्याण की मंगलकामना की।
कार्यक्रम के दौरान विशेष पूजा-अर्चना, हनुमान जी का अभिषेक एवं महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता निभाई। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्रीमती किरण वाडीवा रहीं, जबकि विशिष्ट अतिथि सिविल सर्जन डॉ. अखंड प्रताप सिंह, रेड क्रॉस संचालक सदस्य सुशील मूणत, एल्डरमैन गोपाल शर्मा एवं श्रीमती सुनीता गोविंद काकानी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का भक्तों द्वारा अंगवस्त्र, पुष्पमाला एवं तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया।
इस अवसर पर सभी अतिथियों एवं श्रद्धालुओं ने भगवान बालाजी एवं हनुमान जी के चरणों में प्रार्थना करते हुए जिला चिकित्सालय में उपचाररत मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ, निरोगी जीवन, सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। कार्यक्रम के मुख्य यजमान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्रीमती किरण वाडीवा, सिविल सर्जन डॉ. अखंड प्रताप सिंह एवं उनका परिवार रहा, जिन्होंने पूर्ण श्रद्धा एवं समर्पण भाव से आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समारोह में वरिष्ठ पत्रकार रमेश टाक, मेडिकल ऑफिसर डॉ. अभिषेक अरोरा, जितेंद्र सिंह राठौड़, धर्मेंद्र सिंह जादौन, क्षय रोग विभाग प्रभारी देवेंद्र सिंह तोमर, रोगी कल्याण समिति सदस्य गोविंद काकानी सहित अनेक गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। वहीं आयोजन की व्यवस्थाओं में रेड क्रॉस संचालक हेमंत मूणत, चेतन व्यास, सुरेंद्र सिंह चौहान, राजेंद्र सिसोदिया, सुनील निरंजनी, मनीष शर्मा, अंकित कोठारी, रोहित मीणा, लखन दास बैरागी, पिंटू दास बैरागी, युगल किशोर सेन, सुरेश जोशी, हेमा निरंजनी, दीपा बाली, मीना वर्मा, वर्षा मीणा, यशोदा बाई बैरागी, रीना पारख, सुश्री इंदिरा राठौर, बबली बैरागी एवं पदमा मैडम सहित बड़ी संख्या में सेवाभावी कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं ने सक्रिय योगदान देकर आयोजन को ऐतिहासिक और भव्य स्वरूप प्रदान किया।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि गुरु परंपरा, मानव सेवा, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक चेतना का प्रेरणादायी संदेश भी बनकर उभरा। श्रद्धालुओं ने गुरुदेव महंत मनोहर दास जी बैरागी का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा प्रसादी ग्रहण कर धर्म, सेवा और सद्भाव के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि गुरु का मार्गदर्शन और सेवा का भाव ही समाज को संस्कारित, समृद्ध और सशक्त बनाने का सबसे बड़ा आधार है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत