सकरावदा (रतलाम)। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान के तहत ग्राम सकरावदा में बुधवार को एक प्रभावी जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। एकीकृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन ने नुक्कड़ नाटक, संवाद और शपथ के माध्यम से विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया।
कार्यक्रम का उद्देश्य समाज को नशे के खिलाफ एकजुट करना तथा युवाओं को स्वस्थ और सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में सैलाना एसडीओपी नीलम बघेल, थाना प्रभारी पिंकी आकाश तथा सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) शंकर सिंह शक्तावत विशेष रूप से उपस्थित रहे। पुलिस अधिकारियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया कि शराब, मादक पदार्थ और अन्य प्रकार के व्यसन केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं बल्कि पूरे परिवार की खुशियों, आर्थिक स्थिति और सामाजिक प्रतिष्ठा को भी बर्बाद कर देते हैं। नाटक के माध्यम से दिखाया गया कि नशे की लत किस प्रकार परिवारों को टूटने की कगार पर पहुंचा देती है और युवाओं का भविष्य अंधकारमय बना देती है।
एसडीओपी नीलम बघेल ने दिया जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान एसडीओपी नीलम बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस का नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है बल्कि समाज को जागरूक कर नशे के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाना इसका मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी नशे से बचने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यदि समाज का हर नागरिक इस अभियान से जुड़ेगा तो निश्चित रूप से नशामुक्त और सुरक्षित समाज का निर्माण संभव होगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि कहीं अवैध नशे का कारोबार या मादक पदार्थों की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचना दें।
इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्राम के गणमान्य नागरिकों को जीवनभर शराब एवं अन्य किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। उपस्थित सभी लोगों ने हाथ उठाकर नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया और पुलिस प्रशासन के इस अभियान में सहयोग देने का भरोसा जताया।
विद्यालय के प्राचार्य रमेश चंद्र डोडियार ने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच विकसित करते हैं और उन्हें गलत आदतों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने भी छात्रों से नशे से दूर रहकर शिक्षा और संस्कारों के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विद्यालय का समस्त स्टाफ, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, ग्रामीणजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए अपने गांव को नशामुक्त बनाने में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान का संदेश जन-जन तक पहुंचा और उपस्थित लोगों ने इसे समाजहित की एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत