सैलाना (रतलाम)। आदिवासी अंचल सैलाना में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ बुधवार को क्षेत्रवासियों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं जिला शिक्षा समिति अध्यक्ष केशुराम निनामा के नेतृत्व में सैकड़ों किसान, जनप्रतिनिधि, पंच-सरपंच और ग्रामीण विक्टोरिया तालाब से विशाल पैदल मार्च निकालते हुए मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (MPEB) के सैलाना कार्यालय पहुंचे। यहां कार्यालय का घेराव कर कार्यपालन यंत्री के नाम विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन में सेकड़ो कार्यकर्त्ता एवं नगर एवं ग्रामीणों के लोगों की उल्लेखनीय भागीदारी रही।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सैलाना, रावटी, बाजना, कुंदनपुर, केलकच्छ, शिवगढ़, सरवन, अमरगढ़, बेडदा, सकरावदा, बासिंदा, रामगढ़ सहित दर्जनों गांवों में प्रतिदिन रात 12 बजे से सुबह 4 बजे तक अघोषित रूप से बिजली बंद की जा रही है। बारिश के मौसम में चार-चार घंटे अंधेरे में रहने को लोग मजबूर हैं। इससे आमजन, विद्यार्थी, बुजुर्ग, महिलाएं और किसान भारी संकट झेल रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि न सिंचाई का समय है और न ही अतिरिक्त लोड, इसके बावजूद इतनी लंबी कटौती पूरी तरह अनुचित है।
ज्ञापन में जर्जर विद्युत लाइनें, टूटे पोल, जमीन तक झूलते तार, बार-बार फुंक रहे ट्रांसफार्मर, ओवरलोड डीपी, वर्षों से लंबित बिजली कार्य, बिना सूचना बिजली बंद करने तथा कुछ कर्मचारियों पर मनमानी और अवैध वसूली के आरोपों की जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की गई।
साथ ही पूरे क्षेत्र के लिए नया ग्रिड स्थापित करने, खराब लाइनों का सर्वे कर तत्काल बदलने, अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने तथा सैलाना-बांसवाड़ा मार्ग एवं सैलाना-शिवगढ़ घाट पर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
ज्ञापन में ग्राम पंचायत बावड़ी, भामट, चावड़ाखेड़ी, पाड्डी, अडवानिया, दोलतपुरा, नारायणगढ़, रामगढ़-बोरखेड़ा सहित कई गांवों की गंभीर बिजली समस्याओं का उल्लेख करते हुए उनके त्वरित समाधान की मांग की गई।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा ने दो टूक कहा, आदिवासी क्षेत्र के लोगों के साथ बिजली विभाग की मनमानी अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रात में चार-चार घंटे बिजली बंद करना जनता की सुरक्षा और किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ है। जर्जर बिजली व्यवस्था कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं हुआ तो पूरे विधानसभा क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों के साथ व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और प्रशासन की होगी।
जिला पंचायत प्रतिनिधि चंदू मईड़ा ने कहा, सैलाना विधानसभा के ग्रामीण अंचलों में अघोषित बिजली कटौती से आमजन का जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। बारिश के मौसम में रातभर बिजली बंद रहने से लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है। हम जनता की आवाज़ बनकर बिजली विभाग को चेताने आए हैं। यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो पूरे क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों के साथ और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
मौके पर एसडीओपी नीलम बघेल, सैलाना थाना प्रभारी पिंकी आकाश, सरवन थाना प्रभारी अर्जुन सिंह सेमलिया, उप निरीक्षक शिवनाथ सिंह राठौड़, प्रधान आरक्षक नरेंद्र झाला, निरंजन त्रिपाठी, आशीष धानक, मुकेश चौहान, सीमा, आरक्षक तूफान भूरिया सहित सैलाना, सरवन और रावटी थाना पुलिस बल तैनात रहा।
विद्युत विभाग की ओर से रायकवार साहब एवं विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि ज्ञापन में उठाए गए सभी बिंदुओं से वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल अवगत कराया जाएगा तथा अघोषित बिजली कटौती रोकने और क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को पूरे सैलाना विधानसभा क्षेत्र में और व्यापक रूप दिया जाएगा।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत