रतलाम। शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम मानते हुए बैरवा समाज एकता संगठन रतलाम ने आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक सराहनीय पहल करते हुए निःशुल्क ट्यूशन एवं कोचिंग सेंटर – विरियाखेड़ी केन्द्र क्रमांक-5 का शुभारंभ किया। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि रतलाम नगर निगम के महापौर प्रहलाद पटेल तथा महिला एवं बाल विकास विभाग इंदौर के संयुक्त संचालक राजेश मेहरा रहे जिन्होंने फीता काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर केंद्र का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम की शुरुआत नीट पेपर लीक प्रकरण के बाद अपनी जान गंवाने वाले विद्यार्थियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद मां सरस्वती की वंदना हुई तथा संत श्री 1008 शिरोमणि बालीनाथ जी महाराज एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया गया।
मुख्य अतिथि प्रहलाद पटेल ने बैरवा समाज एकता संगठन की इस पहल की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही समाज का सर्वांगीण विकास संभव है। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के इस प्रयास को प्रेरणादायी बताया। वहीं राजेश मेहरा ने विद्यार्थियों को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन देते हुए शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला और उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में संगठन के जिलाध्यक्ष रमेशचन्द्र मरमट ने घोषणा की कि 1 अगस्त 2026 से विरियाखेड़ी केंद्र पर नियमित रूप से निःशुल्क ट्यूशन एवं कोचिंग कक्षाएं प्रारंभ की जाएंगी। समारोह में एल्डरमैन नारायण सांकला वार्ड क्रमांक-10 की पार्षद अनीता वसावा तथा वार्ड क्रमांक-2 की पार्षद कविता महावर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
समारोह के दौरान समाजसेवी प्रेम एन. वासन ने विद्यार्थियों के लिए ₹5100 की सहयोग राशि देने की घोषणा की जबकि पार्षद कविता महावर ने ₹1100 की नगद सहयोग राशि प्रदान कर इस अभियान को मजबूती दी।
कार्यक्रम में बैरवा समाज एकता संगठन के पदाधिकारी वरिष्ठजन युवा साथी बड़ी संख्या में विद्यार्थी मातृशक्ति अभिभावक एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे। शिवनारायण बडगोत्या ने स्वागत भाषण दिया जबकि संगठन के सचिव मनोहरलाल मरमट ने प्रभावी संचालन किया। अंत में ईश्वरलाल लोदवाल डी.के. ने सभी अतिथियों सहयोगियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।
बैरवा समाज एकता संगठन की यह पहल न केवल आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का नया द्वार खोलेगी बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता और समान अवसर की भावना को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत