रतलाम /सैलाना। शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे विद्यार्थियों की आवाज़ को मंच देने के उद्देश्य से सैलाना के ओशिन परिसर में आयोजित छात्र एवं खुला संवाद कार्यक्रम अभूतपूर्व रहा। पूर्व विधायक हर्ष विजय गेहलोत के नेतृत्व में आयोजित इस अनूठी पहल में हजारों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं सीधे जनप्रतिनिधियों और शिक्षाविदों के सामने रखने का दुर्लभ अवसर प्रदान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद पूर्व विधायक हर्ष विजय गेहलोत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है और प्रत्येक विद्यार्थी को अपने भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए लक्ष्य निर्धारित कर पूरी निष्ठा से अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से बिना किसी संकोच के अपनी समस्याएं सामने रखने का आग्रह किया ताकि उनके समाधान के लिए प्रभावी प्रयास किए जा सकें।
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं, कॉलेजों, छात्रवृत्ति, परीक्षा केंद्रों, परिणामों में देरी और रोजगार से जुड़े अनेक सवाल बेबाकी से रखे। मंच से हर सवाल को गंभीरता से सुना गया और समाधान के लिए सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, सुप्रसिद्ध शिक्षाविद एवं रतलाम के पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने पेपर लीक, व्यापम जैसी परीक्षाओं में अनियमितता, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी, समय-समय पर परीक्षाओं के निरस्त होने, महंगी परीक्षा फीस, दूर-दराज परीक्षा केंद्रों के कारण विद्यार्थियों पर बढ़ते आर्थिक बोझ तथा शिक्षा और रोजगार से जुड़े गंभीर मुद्दों पर तथ्यात्मक और सारगर्भित संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को जागरूक रहने, अपने अधिकारों के प्रति सजग बनने तथा पारदर्शी और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस अवसर पर पूर्व मंडी अध्यक्ष शेखर गहलोत, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष निलेश शर्मा, नगर परिषद अध्यक्ष चैतन्य शुक्ला, लक्की सुशील मांडोत, सैलाना युवा विधानसभा अध्यक्ष हनी गहलोत, एनएसयूआई विधानसभा अध्यक्ष मोहित डामोर, उपाध्यक्ष अश्मित सिलावट, रावटी ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश भूरिया, सैलाना ब्लॉक अध्यक्ष अजय निनामा, निलेश मईडा, अरविंद गहलोत, करन खराड़ी, गौरव कटारा, अर्चना गरवाल, आयुषी कटारा सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
यह खुला संवाद केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की आवाज़ को मजबूती देने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में सामने आया। हजारों विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि युवा अब अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर संवाद करना चाहते हैं और सकारात्मक बदलाव की अपेक्षा रखते हैं।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत