जीरन। महाविद्यालय में दिनांक 26/07/2026 को शासन के निर्देशानुसार “कारगिल विजय दिवस” मनाया गया। यह कार्यक्रम तीन दिवसीय था । जिसकी औपचारिक शुरुआत 24/07/26 को हुई जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसमें निबंध , प्रश्नोत्तरी , चित्रकला , पोस्टर निर्माण आदि शामिल रहे । कार्यक्रम में दूसरे दिन कारगिल विजय पर व्याख्यान, संगोष्ठी एवं परिचर्चा का आयोजन हुआ । कार्यक्रम के तीसरे दिन भारतीय सेना के शौर्य, बलिदान एवं राष्ट्रीय सुरक्षा आवश्यक प्रेरक चलचित्र एवं डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य महोदय के उद्बोधन से शुरू हुआ। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में नगर के ही फ़ौज से सेवानिवृत्त कैलाश टांक उपस्थित रहे। प्राचार्य महोदय ने कहा कि देशवासियों के लिए आज खुशी का दिन है आज के ही दिन हमने विरोधियों पर जीत दर्ज कर भारत माता के नारे को बुलंद किया था हमें गर्व है अपनी सेना पर कि कारगिल की विकट परिस्थितियों में भी भारतीय सेना ने जिस अदम्य साहस का परिचय दिया वो कभी भुलाया नहीं जा सकता। तत्पश्चात मुख्य वक्ता नाग साहब ने कारगिल पर अपने विचार रखें उन्होंने फ़ौज में रहते जो अनुभव थे वो भी साझा किए। उन्होंने कहा कि कारगिल में फ़ौज कैसे काम करती है कवर देना किसे कहते है। उन्होंने बताया कि पहले हमारे हथियार बाहर से आते थे अब भारत में बनते ही नहीं बल्कि हम निर्यात भी करते हैं यह हमारे लिए गर्व की बात है। इसके बाद टांक सहाब ने अपना काव्यपाठ भी किया। अंत में प्राचार्य महोदय ने मुख्य वक्ता का शॉल और श्री फल देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन एनएसएस अधिकारी श्री रितेश कुमार चौहान ने किया उन्होंने भारतीय आर्मी को लेकर कहा कि “ वो है इसलिए हम आज अपने घरों में चैन की नींद सो पाते हैं “ गर्व है भारतीय सेना पर। कार्यक्रम में आभार प्रकट दिव्या खरारे मैडम ने किया। कार्यक्रम में समस्त स्टाफ़ सहित अधिक संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
विनोद सांवला हरवार
देश : शासकीय महाविद्यालय जीरन में मनाया गया कारगिल विजय दिवस
जीरन। महाविद्यालय में दिनांक 26/07/2026 को शासन के निर्देशानुसार “कारगिल विजय दिवस” मनाया गया। यह कार्यक्रम तीन दिवसीय था । जिसकी औपचारिक शुरुआत 24/07/26 को हुई जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसमें निबंध , प्रश्नोत्तरी , चित्रकला , पोस्टर निर्माण आदि शामिल रहे । कार्यक्रम में दूसरे दिन कारगिल विजय पर व्याख्यान, संगोष्ठी एवं परिचर्चा का आयोजन हुआ । कार्यक्रम के तीसरे दिन भारतीय सेना के शौर्य, बलिदान एवं राष्ट्रीय सुरक्षा आवश्यक प्रेरक चलचित्र एवं डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य महोदय के उद्बोधन से शुरू हुआ। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में नगर के ही फ़ौज से सेवानिवृत्त कैलाश टांक उपस्थित रहे। प्राचार्य महोदय ने कहा कि देशवासियों के लिए आज खुशी का दिन है आज के ही दिन हमने विरोधियों पर जीत दर्ज कर भारत माता के नारे को बुलंद किया था हमें गर्व है अपनी सेना पर कि कारगिल की विकट परिस्थितियों में भी भारतीय सेना ने जिस अदम्य साहस का परिचय दिया वो कभी भुलाया नहीं जा सकता। तत्पश्चात मुख्य वक्ता नाग साहब ने कारगिल पर अपने विचार रखें उन्होंने फ़ौज में रहते जो अनुभव थे वो भी साझा किए। उन्होंने कहा कि कारगिल में फ़ौज कैसे काम करती है कवर देना किसे कहते है। उन्होंने बताया कि पहले हमारे हथियार बाहर से आते थे अब भारत में बनते ही नहीं बल्कि हम निर्यात भी करते हैं यह हमारे लिए गर्व की बात है। इसके बाद टांक सहाब ने अपना काव्यपाठ भी किया। अंत में प्राचार्य महोदय ने मुख्य वक्ता का शॉल और श्री फल देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन एनएसएस अधिकारी श्री रितेश कुमार चौहान ने किया उन्होंने भारतीय आर्मी को लेकर कहा कि “ वो है इसलिए हम आज अपने घरों में चैन की नींद सो पाते हैं “ गर्व है भारतीय सेना पर। कार्यक्रम में आभार प्रकट दिव्या खरारे मैडम ने किया। कार्यक्रम में समस्त स्टाफ़ सहित अधिक संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।