रतलाम। राष्ट्र संत बड़ा रामद्वारा जोधपुर के संत श्री हरीराम जी शास्त्री के नेपाल चतुर्मास प्रवास की पूर्व संध्या पर रामस्नेही हरि मानव परमार्थ सेवा संस्थान रतलाम द्वारा अमर वाटिका संत रविदास चौराहा पर आयोजित भव्य श्री खाटू श्याम भजन संध्या श्रद्धा भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में संपन्न हुई। गौ क्रांतिकारी संत श्री गौ शरणानंद जी सरस्वती के सानिध्य में आयोजित इस भव्य आयोजन में शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर बाबा श्याम के भजनों का आनंद लिया।
कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण सुप्रसिद्ध भजन गायिका राधिका किशोरी जी (राधिका दीदी) रहीं। उन्होंने अपनी मधुर भावपूर्ण एवं ओजस्वी प्रस्तुतियों से पूरे पांडाल को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।
राधिका दीदी ने श्री खाटू श्याम जी के अवतार महिमा एवं कृपा का वर्णन करते हुए हारा का सहारा हारे का तू है सहारा सांवरे खाटू वाले तुमको सारे जग ने माना संकट मोचन बनकर मेरे श्याम लीले घोड़े वाला नीला है तेरा घोड़ा तथा सांवरा सलोना रूप सलोना तेरा बाबा मन को मेरे भाए जैसे लोकप्रिय भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी।
भजनों की स्वर लहरियों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे और पूरा परिसर श्याम नाम के जयघोष से गुंजायमान होता रहा। गुरु भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो उठा।
इस अवसर पर रामस्नेही हरि मानव परमार्थ सेवा संस्थान की ओर से राधिका दीदी का शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानपूर्वक अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम में पूर्व पार्षद अशोक देवड़ा पार्षद आयुषी जलज सांखला पूर्व पार्षद वंदना पुरोहित प्रेमलता देवड़ा सरस्वती पटेल धीरज पांड्या तारा सांखला तुलसी पटेल राघव पंड्या कन्हैया पटेल नैना देवी प्रकाश परमार शांति बाई सांखला सीमा सांखला टम्मू बाई राठौड़ रानी परमार चेतन पटेल दामु पटेल तथा दामोदर राठौड़ सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
संस्थान के पदाधिकारियों ने कहा कि भक्ति संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि समाज में आध्यात्मिक चेतना संस्कार और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से बाबा श्री खाटू श्याम जी की महाआरती में भाग लिया तथा प्रसाद ग्रहण कर आयोजन की भव्यता और सफल व्यवस्थाओं की मुक्त कंठ से सराहना की।
यह भजन संध्या श्रद्धालुओं के लिए आस्था भक्ति और आध्यात्मिक आनंद का अविस्मरणीय उत्सव बन गई।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत