रतलाम। गोगा नवमी चल समारोह को इस वर्ष भव्य, आकर्षक और ऐतिहासिक स्वरूप देने के उद्देश्य से वाल्मीकि समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार रात्रि 8 बजे सुभाष नगर स्थित मांगलिक भवन में आयोजित की गई। बैठक में समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं एवं समाजसेवियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए आयोजन की रूपरेखा पर विस्तृत मंथन किया। बैठक में समाज की एकजुटता, अनुशासन और व्यापक जनसहभागिता के साथ इस बार के चल समारोह को यादगार बनाने का संकल्प लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता वाल्मीकि समाज अध्यक्ष शुभम डागर ने की। उन्होंने कहा कि गोगा नवमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि समाज की आस्था, संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने सभी समाजजनों से आह्वान किया कि वे आयोजन को सफल बनाने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें, ताकि इस वर्ष का चल समारोह पूरे शहर में अपनी भव्यता और अनुशासित व्यवस्था के लिए मिसाल बने।
बैठक के दौरान सर्वसम्मति से 11 सदस्यीय आयोजन समिति का गठन किया गया। समिति में नितिन फतरोड, कुंदन दुलिया, लक्ष्मण कल्याणे, चंदन निगम, सोनू टाक, सचिन कलोसिया, राहुल बाली, विकास चावरे, लोकेन्द्र गौहर, बंटी मेवाती और ऋतिक हाड़े को विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गईं। सभी सदस्यों ने अपने-अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करने का भरोसा दिलाया।
बैठक में चल समारोह के मार्ग, स्वागत मंचों की व्यवस्था, सुरक्षा, अनुशासन, सजावट, प्रचार-प्रसार, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, समाजजनों की सहभागिता तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। समाज के वरिष्ठजनों एवं युवाओं ने एक स्वर में आयोजन को सफल बनाने के लिए तन-मन-धन से सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में प्रवीण परोचे ने सभी उपस्थित समाजजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज की एकता और सामूहिक प्रयास ही गोगा नवमी चल समारोह को ऐतिहासिक सफलता दिलाएंगे। बैठक का समापन समाज की उन्नति, संगठन की मजबूती और गोगा नवमी महोत्सव को अभूतपूर्व बनाने के संकल्प के साथ हुआ।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत