शिवगढ़/रतलाम। रतलाम जिले में अवैध खनिज परिवहन को लेकर प्रशासन और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है।
शिवगढ़-बाजना मार्ग पर विधायक कमलेश्वर डोडियार द्वारा रोके गए गिट्टी से भरे डंपर के मामले ने यह बहस तेज कर दी है कि आखिर जिले की सड़कों पर कितने वाहन बिना वैध रॉयल्टी और नियमों का पालन किए संचालित हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार विधायक द्वारा रोके गए एमपी-43-एच-0279 नंबर के डंपर के संबंध में आरोप है कि दोपहर करीब 12:30 बजे वाहन बिना वैध रॉयल्टी के परिवहन करते हुए पाया गया था। शिकायत के बाद पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई, लेकिन कार्रवाई की जगह बाद में खनिज विभाग द्वारा दोपहर 2:40 बजे इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिट पास (eTP) जारी किए जाने का मामला सामने आया है।
इस घटनाक्रम ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि विधायक कमलेश्वर डोडियार द्वारा मौके की तस्वीरें और लोकेशन संबंधी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती, तो संभवतः यह मामला सामने ही नहीं आता और कथित अवैध परिवहन सामान्य तरीके से जारी रहता। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि जिले में प्रतिदिन कितने डंपर और भारी वाहन बिना रॉयल्टी या नियमों की अनदेखी करते हुए संचालित हो रहे हैं और उन पर निगरानी की जिम्मेदारी निभाने वाले विभाग क्या कर रहे हैं।
मामले ने प्रशासन, पुलिस और खनिज विभाग के बीच समन्वय और कार्रवाई की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं।
जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि शिकायत मिलने के बाद तत्काल दंडात्मक कार्रवाई करने के बजाय बाद में रॉयल्टी जारी कर पूरे मामले को नियमित करने का प्रयास किया गया।
हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन इस घटनाक्रम ने जिले में अवैध खनन और खनिज परिवहन की निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर गंभीर बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में पारदर्शी जांच कर जवाबदेही तय करता है या फिर यह मामला भी अन्य विवादों की तरह समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
विधायक का धरना जारी ....
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