शिवगढ़/रतलाम। शिवगढ़-बाजना मार्ग पर कथित अवैध गिट्टी परिवहन के मामले में अब नया विवाद खड़ा हो गया है। विधायक कमलेश्वर डोडियार और जनप्रतिनिधियों द्वारा पुलिस को शिकायत दिए जाने के बाद मामला खनिज विभाग तक पहुंचा, लेकिन आरोप है कि अवैध परिवहन पर एफआईआर और चालानी कार्रवाई करने के बजाय संबंधित डंपर को बाद में रॉयल्टी जारी कर दी गई।
विधायक का आरोप है कि एमपी-43-एच-0279 नंबर का डंपर दोपहर करीब 12:30 बजे बिना वैध रॉयल्टी के गिट्टी का परिवहन करते हुए पकड़ा गया था और इसकी शिकायत तत्काल पुलिस को की गई थी। इसके बावजूद खनिज विभाग द्वारा कथित तौर पर दोपहर 2:40 बजे इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिट पास (eTP) जारी किया गया, जबकि परिवहन का समय 2:42 बजे दर्ज है।
एफआईआर की जगह रॉयल्टी जारी करने का आरोप
विधायक कमलेश्वर डोडियार ने आरोप लगाया कि जब डंपर पहले ही रॉयल्टी चोरी के आरोप में पकड़ा जा चुका था, तब खनिज विभाग को नियमानुसार कार्रवाई करते हुए एफआईआर और जुर्माने की कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन इसके विपरीत आनन-फानन में रॉयल्टी काटकर वाहन को क्लीन चिट देने का प्रयास किया गया।
eTP में दर्ज विवरण
eTP नंबर : 2600766488
जारी होने का समय : 21 जून 2026, दोपहर 2:40 बजे
परिवहन समय : 2:42 बजे
वाहन नंबर : MP43H0279
खनिज : गिट्टी
मात्रा : 10 घन मीटर
लोडिंग स्थल : बिबड़ौद, रतलाम
गंतव्य : बाजना, रतलाम
पट्टाधारी : ऋषभ महेंद्र पावेचा – श्री महेंद्र पावेचा
वाहन स्वामी : राजेश कुमार चौर्डिया, जावरा
विधायक के सवाल
विधायक कमलेश्वर डोडियार ने पूरे घटनाक्रम पर कई सवाल खड़े किए हैं—
जब डंपर दोपहर करीब 12:30 बजे बिना रॉयल्टी के पकड़ा गया था, तो बाद में जारी की गई रॉयल्टी को वैध कैसे माना जा सकता है?
क्या शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने के बजाय बाद में eTP जारी कर मामले को नियमित करने का प्रयास किया गया?
यदि वाहन पहले से परिवहन करते हुए पकड़ा गया था, तो
एफआईआर और दंडात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
क्या खनिज माफियाओं को बचाने के लिए नियमों को दरकिनार किया गया?
आखिर शिवगढ़-बाजना रोड पर खड़े अवैध गिट्टी से भरे डंपर पर कार्रवाई की जिम्मेदारी किसकी है?
आंदोलन की चेतावनी
जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस और खनिज विभाग द्वारा निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन और धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
फिलहाल प्रशासन और खनिज विभाग की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शिकायत के बाद शुरू हुए इस विवाद में जिम्मेदार विभाग क्या कदम उठाते हैं।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत