रतलाम। दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र के सैफी नगर में सराफा कारोबारी कमल सोनी के घर पर दिनदहाड़े हुई फायरिंग की सनसनीखेज वारदात का रतलाम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खुलासा कर दिया है। शुरुआती तौर पर अज्ञात बदमाशों की करतूत मानी जा रही इस घटना के पीछे अब शेयर मार्केट और पैसों के लेन-देन का विवाद सामने आया है। पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता विनोद उर्फ वीनू शर्मा सहित अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
दिनदहाड़े हुई थी फायरिंग, बाल-बाल बचा परिवार
19 जून को दोपहर करीब 3:16 बजे केके मार्केट स्थित श्री गणेश ज्वेलर्स के संचालक कमल सोनी के मकान नंबर 80, सैफी नगर पर दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार नकाबपोश युवक पहुंचे थे। उस समय कमल सोनी अपने छोटे बेटे दिव्यांश उर्फ छोटू सोनी के साथ जावरा गए हुए थे, जबकि घर पर उनकी पत्नी मनीषा सोनी, पुत्र अमित सोनी, दिव्यांश सोनी तथा पुत्रवधू मौजूद थीं।
सीसीटीवी फुटेज में सामने आया कि एक युवक ने चलते वाहन से पिस्टल निकालकर मकान की ओर फायर किया। उस समय खिड़की के पास खड़ी मनीषा सोनी ने सतर्कता दिखाते हुए नीचे झुककर अपनी जान बचाई। गोली खिड़की का कांच तोड़ते हुए घर के अंदर जा घुसी और बड़ा हादसा टल गया।
फायरिंग से पहले कार का कांच तोड़कर रखी थी पिस्टल
घटना से एक रात पहले भी अज्ञात बदमाशों ने कमल सोनी के घर के बाहर खड़ी कार का कांच तोड़ दिया था और कार के अंदर एक पिस्टल रखकर चले गए थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पिस्टल बरामद कर ली थी। इसके अगले ही दिन हुई फायरिंग ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।
धोखाधड़ी की शिकायत के बाद बढ़ा था विवाद
कमल सोनी के पुत्र दिव्यांश उर्फ छोटू सोनी ने सरवन थाने में आदित्य सोमानी के खिलाफ शेयर मार्केट और एमसीएक्स कारोबार के नाम पर कथित धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। दिव्यांश का आरोप था कि आदित्य ने मेटा ट्रेडर-5 और ग्लोबल ट्रेड जैसे एप के माध्यम से निवेश का झांसा देकर उससे करीब 35 लाख रुपये लिए और बाद में एक करोड़ रुपये की मांग करने लगा।
दिव्यांश ने अपने आवेदन के साथ व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी पुलिस को उपलब्ध कराए थे। शिकायत के बाद सरवन थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सार्वजनिक जुआ अधिनियम (Public Gambling Act) की धारा 3/4 के तहत मामला दर्ज किया था और आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया था।
शिकायत के दौरान मिली थी धमकी
कमल सोनी के अनुसार, शिकायत दर्ज कराने के दौरान आदित्य सोमानी के भाई द्वारा खुलेआम धमकी दी गई थी। उस समय थाने के बाहर कई युवक जमा हो गए थे, जिसके चलते सरवन पुलिस ने सुरक्षा के बीच उन्हें रतलाम तक पहुंचाया था। इसी वजह से परिवार शुरू से ही फायरिंग की घटना को इसी विवाद से जोड़कर देख रहा था।
पुलिस की जांच में हुआ सनसनीखेज खुलासा
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पंद्रो एवं विवेक कुमार लाल के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया के नेतृत्व में थाना दीनदयाल नगर, साइबर सेल और सीसीटीवी शाखा की संयुक्त टीम गठित की गई।
तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने विनोद उर्फ वीनू शर्मा के कहने पर फायरिंग की थी। जांच में सामने आया कि शेयर मार्केट और पैसों के लेन-देन के विवाद में दबाव बनाने के उद्देश्य से कथित तौर पर वीनू शर्मा के माध्यम से सुपारी देकर वारदात कराई गई थी।
ये आरोपी गिरफ्तार
भोला पिता रामेश्वर पाटीदार (29), पैलेस रोड, रतलाम
विनीत उर्फ चुचू पिता महेंद्र सिंह बड़गोतिया (25), लक्ष्मणपुरा, रतलाम
अजय उर्फ गट्टू पिता हरिराम चौहान (24), आनंद कॉलोनी, रतलाम
रविन्द्र पिता मिथलेश राजन (32), रेल नगर, रतलाम
कन्हैया नायक पिता हीरालाल (43)
जबकि विनोद उर्फ वीनू शर्मा सहित अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
भागने की कोशिश में दो आरोपियों के पैर टूटे
सूत्रों के अनुसार दीनदयाल नगर क्षेत्र में आरोपियों की घेराबंदी के दौरान कुछ आरोपी भागने का प्रयास करने लगे। पुलिस टीम द्वारा पीछा कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। इस दौरान गिरकर दो आरोपियों के पैरों में फ्रैक्चर हो गया, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाद में पुलिस ने सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया।
कई पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
पूरे मामले के खुलासे में थाना प्रभारी अनुराग यादव, उप निरीक्षक जीवन बारिया, राजा तिवारी, प्रधान आरक्षक लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी, मनमोहन शर्मा सहित आरक्षक विपुल भावसार, मयंक व्यास, राहुल पाटीदार, तुषार सिसोदिया, अभिषेक पाठक, हर्षल शर्मा, संदीप कुमावत, दीपक सिंह और शान्तीलाल डिंडोर की सराहनीय भूमिका रही।
रतलाम पुलिस अब इस पूरे षड्यंत्र, सुपारी कनेक्शन, घटना में प्रयुक्त हथियारों और अन्य फरार आरोपियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत