धार/बदनावर। बदनावर विधानसभा क्षेत्र के सिविल अस्पताल की व्यवस्थाओं, मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं और सरकारी संसाधनों के उपयोग को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर भाजपा खेल प्रकोष्ठ, जिला धार के सह संयोजक मोहित कुमार पांचाल ने बुधवार को धार में स्वास्थ्य विभाग के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए। उन्होंने अस्पताल से जुड़े 10 प्रमुख मुद्दे उठाते हुए संबंधित अभिलेखों की जांच, कमियों का सत्यापन और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
मोहित पांचाल का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में आम जनता को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना शासन और स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसे में अस्पताल को उपलब्ध कराई गई राशि, चिकित्सा उपकरणों, दवाइयों, कर्मचारियों की उपस्थिति और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की वास्तविक स्थिति सामने आनी चाहिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्यालय खंड चिकित्सा अधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तीसगांव, जिला धार की ओर से पत्र क्रमांक जांच-शिकायत/2026/653, दिनांक 12 अक्टूबर 2026 जारी कर मोहित पांचाल को 14 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे जांच के संबंध में बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। यह पत्र मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, धार के 21 सितंबर 2026 के शिकायत संबंधी पत्र के संदर्भ में जारी किया गया था।
रोगी कल्याण समिति के हिसाब से लेकर दवाइयों तक जांच की मांग
मोहित पांचाल ने अस्पताल की रोगी कल्याण समिति की आय-व्यय का पिछले तीन वर्षों का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। मरीजों की पर्चियों से प्राप्त राशि, समिति को मिली धनराशि, किए गए खर्च और वर्तमान में शेष राशि की जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की गई है कि धन का उपयोग मरीजों की सुविधाओं के लिए किस प्रकार किया गया।
इसके साथ ही अस्पताल में उपलब्ध जांच मशीनों और चिकित्सा उपकरणों का भौतिक सत्यापन कराने पर जोर दिया गया है। कौन-सी मशीनें चालू हैं, कौन-सी बंद हैं और किन उपकरणों को मरम्मत की आवश्यकता है, इसका रिकॉर्ड जांचने की मांग की गई है।
दवाइयों एवं इंजेक्शन की उपलब्धता, स्टॉक रजिस्टर, वितरण
व्यवस्था और दवा स्टोर के संचालन की भी जांच की मांग उठाई गई है। यदि दवा स्टोर के संचालन में किसी प्रकार की अनियमितता की शिकायत है, तो संबंधित दस्तावेजों के आधार पर उसकी पुष्टि कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
8.65 करोड़ के नवीन अस्पताल भवन पर भी उठाए सवाल
बदनावर सिविल अस्पताल के नवीन भवन की लागत लगभग 8 करोड़ 65 लाख 79 हजार रुपये बताई गई है। मोहित पांचाल ने मांग की है कि भवन के उद्घाटन के बाद उसकी वास्तविक संचालन स्थिति की समीक्षा की जाए।
उन्होंने सवाल उठाया कि 50 बिस्तरों की निर्धारित क्षमता के अनुरूप अस्पताल में बेड, डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, चिकित्सा उपकरण, दवाइयां और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं। यदि भवन का पूरा उपयोग नहीं हो रहा है अथवा जरूरी सुविधाओं की कमी है, तो इसके कारणों की जांच कर जिम्मेदारी निर्धारित की जानी चाहिए।
डॉक्टरों की उपस्थिति और अधिकारियों की कार्यप्रणाली की जांच हो
अस्पताल में स्वीकृत एवं रिक्त पदों, डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की वास्तविक उपस्थिति, ड्यूटी रोस्टर तथा मरीजों को समय पर उपचार मिलने की स्थिति की समीक्षा की मांग भी की गई है।
मोहित पांचाल ने संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारी की कार्यप्रणाली को लेकर भी शिकायतों की जांच कराने की मांग की है। इनमें ड्यूटी के दौरान कथित रूप से शराब के प्रभाव में रहने, निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं होने और अस्पताल की व्यवस्थाओं की प्रभावी निगरानी नहीं करने जैसे आरोप शामिल हैं। उन्होंने इन आरोपों का सत्यापन उपस्थिति रजिस्टर, ड्यूटी रिकॉर्ड, निरीक्षण रिपोर्ट और अन्य संबंधित अभिलेखों के आधार पर करने की मांग की है। आरोप प्रमाणित होने पर नियमानुसार कार्रवाई की बात कही गई है।
महिला मरीजों की निजता और सुरक्षा पर भी जोर
अस्पताल की प्रयोगशाला में उपलब्ध जांच सुविधाओं के नियमित संचालन और मरीजों को निजी प्रयोगशालाओं में जांच कराने की जरूरत पड़ने के कारणों की समीक्षा की मांग की गई है। इसके अलावा रोगी कल्याण समिति और अस्पताल की निगरानी व्यवस्था को सक्रिय करने पर जोर दिया गया है।
महिला मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग एवं सुरक्षित इंजेक्शन कक्ष बनाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। इसमें साफ-सफाई, पर्दे और उपलब्धता के अनुसार प्रशिक्षित महिला नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गई है, ताकि महिलाओं को उपचार के दौरान निजता और सम्मान मिल सके।
उद्देश्य किसी को निशाना बनाना नहीं, व्यवस्था में सुधार कराना है
मोहित कुमार पांचाल ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी अधिकारी या कर्मचारी को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाना नहीं है। वे चाहते हैं कि अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग हो, मरीजों को समय पर उपचार मिले और यदि जांच में कोई अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने जिला प्रशासन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग से सभी संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन कर जांच को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की मांग की है।
अब निगाहें जांच की दिशा और उसके निष्कर्षों पर रहेंगी। यदि उठाए गए मुद्दों की निष्पक्ष जांच होती है, तो इससे अस्पताल की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने और स्वास्थ्य सुविधाओं में आवश्यक सुधार की दिशा तय होने की उम्मीद है। बदनावर क्षेत्र की जनता को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत