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विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल ने आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए नीमच मंदसौर जिला प्रशासन और पटाखा कारोबारियों से आतिशबाजी सामग्री पर देवी-देवताओं के चित्र न लगाने की सख्त अपील की है। विश्व हिंदू परिषद के नीमच मंदसौर विभाग मंत्री अनुपाल सिंह झाला ने बताया कि पटाखों के आवरण, पैकेटों और रैपर्स पर भगवान श्री गणेश, माता लक्ष्मी, भगवान श्रीराम, हनुमान जी अथवा अन्य किसी भी हिंदू देवी-देवता और पूज्य प्रतीकों की तस्वीरें छापना पूरी तरह से अनुचित है। जब इन पटाखों को जलाया जाता है, तो उनके पैकेट और आवरण फटकर जमीन पर बिखर जाते हैं, जिससे वे लोगों के पैरों तले आते हैं और कचरे के ढेरों में तब्दील हो जाते हैं। इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं और आस्था गहराई से आहत होती हैं। विहिप ने जिला प्रशासन और पुलिस तंत्र से इस दिशा में प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित करने का आग्रह किया है। उन्होंने मांग की है कि थोक और खुदरा पटाखा बाजारों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाए ताकि ऐसे उत्पादों के भंडारण और विपणन पर रोक लगाई जा सके। इसके साथ ही विहिप ने पटाखा निर्माताओं और व्यापारियों से भी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया है। कारोबारियों से कहा गया है कि वे व्यापारिक लाभ कमाने के चक्कर में धार्मिक संवेदनाओं की अनदेखी न करें और निर्माताओं से स्पष्ट रूप से केवल सामान्य डिजाइन वाले पैकेट ही मंगवाएं। यदि किसी लॉट में इस तरह की सामग्री पाई जाती है, तो उसे तुरंत निर्माताओं को लौटा दिया जाए और उसकी बिक्री से पूरी तरह परहेज किया जाए। संगठन ने आम नागरिकों से भी सचेत रहने की अपील करते हुए कहा है कि खरीदारी करते समय पैकेटों पर अंकित चित्रों का ध्यान रखें और ऐसे किसी भी उत्पाद को न खरीदें जिससे आराध्यों का अनादर होता हो। विहिप ने चेतावनी भरे लहजे में यह भी स्पष्ट किया है कि विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के कार्यकर्ता पटाखा विक्रय स्थलों पर निरीक्षण करेंगे, यदि बाजारों में देवी-देवताओं के चित्रों वाली आतिशबाजी सामग्री की बिक्री जारी पाई गई, तो संगठन के कार्यकर्ता इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे, विहिप ने उम्मीद जताई है कि सामाजिक सौहार्द और धार्मिक मर्यादा बनाए रखने के लिए प्रशासन और व्यापारी वर्ग उनकी इस मांग पर गंभीरता से अमल करेगा। |