रतलाम मध्य प्रदेश। एक महिला अधिवक्ता पर हनीट्रैप ब्लैकमेल जाली दस्तावेज बनाकर संपत्ति हड़पने मजिस्ट्रेट से सेटिंग के नाम पर पैसे ऐंठने और झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता सोनू जाट पति बाबूलाल जाट उम्र 34 वर्ष निवासी ग्राम दन्तोडिया जिला रतलाम ने डीजीपी भोपाल आईजी उज्जैन डीआईजी रतलाम कलेक्टर रतलाम एसपी रतलाम राज्य महिला आयोग भोपाल महिला थाना रतलाम और संबंधित सैलाना थाना प्रभारियों को विस्तृत शिकायत भेजकर एडवोकेट चेतना अवस्थी उम्र लगभग 50 वर्ष निवासी कस्तूरबा नगर रतलाम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
शिकायत में क्या आरोप लगाए गए हैं
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनका भाई राहुल जाट उम्र 30 वर्ष निवासी रामगढ़ थाना सैलाना जिला रतलाम 28 मार्च 2024 से केस नंबर 146/2024 में जेल में बंद है। इससे पहले राहुल जाट ने 11 सितंबर 2021 को केस नंबर 322/2020 के सिलसिले में एडवोकेट चेतना अवस्थी से मुलाकात की थी। बाद में केस नंबर 158/2023 और 111/2021 में भी उन्हें ही वकील नियुक्त किया गया।
शिकायत में दावा किया गया है कि चेतना अवस्थी ने राहुल जाट को अपने कार्यालय और घर बुलाकर कहा कि उनकी इंदौर उज्जैन न्यायालय में जज से अच्छी सेटिंग है और वे सभी केस जीतवा देंगी। इस बहाने मुंहमांगी रकम ली गई। फिर उन्होंने राहुल से कहा कि उन्हें गाड़ी चलानी नहीं आती इसलिए वे राहुल को साथ लेकर अदालत जाती रहीं।
व्हाट्सऐप और फोन कॉल बढ़ाए गए फोटो खिंचवाए गए और शादी का दबाव बनाया गया। जब राहुल ने कहा कि वे उनकी उम्र के भाई जैसे हैं उनकी उम्र 50 से अधिक और राहुल की 30 से कम तो धमकी दी गई कि बात नहीं मानी तो छेड़छाड़ के केस में जेल भिजवा दिया जाएगा।
जेल जाने के बाद कथित तौर पर क्या हुआ
28 मार्च 2024 को राहुल जाट के जेल जाने के बाद चेतना अवस्थी ने उनकी माताजी से जबरदस्ती काली रंग की स्कॉर्पियो रजिस्ट्रेशन नंबर MP-43-ZA-5112 अपने कब्जे में ले ली। यह गाड़ी राहुल के नाम पर रजिस्टर्ड है और तब से उनके कब्जे में बताई जा रही है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि वे बार-बार धमकी दे रही हैं कि गाड़ी नहीं दूंगी और जो लेने आएगा उसे रेप केस में फंसा दूंगी।
इसके अलावा 2025 में राहुल के जेल में रहते हुए सैलाना स्थित उदय विहार कॉलोनी के भूखंड क्रमांक 23 स्टांप कोड 01013113102022006838 की जाली रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली गई। शिकायत में कहा गया है कि कूटरचना जाली हस्ताक्षर और झूठे साक्ष्य गढ़कर यह काम किया गया। इस प्लॉट की मौजूदा कीमत लगभग 30 लाख रुपये बताई गई है। अनुबंध पत्र और दस्तावेज शिकायतकर्ता के पास होने का दावा किया गया है।
जीजा से 10 लाख रुपये लेने का आरोप
शिकायत में आगे कहा गया है कि चेतना अवस्थी ने राहुल के जीजा सचिन जाट निवासी ग्राम वरखेड़ी तहसील महिदपुर जिला उज्जैन मोबाइल से मजिस्ट्रेट से सेटिंग करवाकर जमानत करवा रही हूं कहकर 10 लाख रुपये नकद कोर्ट परिसर में ले लिए। जब सचिन जाट ने पैसे वापस मांगे या पुलिस शिकायत की धमकी दी तो 9 लाख रुपये उनके खाते में डाल दिए गए और 1 लाख रुपये अभी भी बकाया बताए गए हैं।
लगातार ब्लैकमेल और धमकियां
शिकायतकर्ता का आरोप है कि चेतना अवस्थी जेल के अंदर भी राहुल को धमकी पहुंचा रही हैं कि वे जेल से बाहर नहीं निकलने देंगी और बाहर निकलते ही धारा 376 में उलझा देंगी। बदनावर में शारदा बाई नाम की महिला के जरिए जेल से धमकी का झूठा आरोप लगाकर एफआईआर भी दर्ज करवाई गई जिसे पूर्णतः झूठा बताया गया है। फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग सबूत के रूप में होने का दावा किया गया है।
परिवार पर लगातार पैसों की मांग लाइट बिल बेटियों की स्कूल फीस मकान की किश्त आदि भरवाने और मैं वकील हूं कुछ भी कर सकती हूं कहकर दबाव बनाने के आरोप लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ता ने कहा है कि पूरे परिवार का जीना दूभर हो गया है और अगर सुनवाई नहीं हुई तो आत्मदाह की नौबत आ सकती है।
क्या मांगी गई है कार्रवाई
शिकायतकर्ता ने भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत निम्नलिखित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है
धारा 7(A) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम मजिस्ट्रेट से सेटिंग के नाम पर पैसा लेना
धारा 318(4) BNS / 420 IPC धोखाधड़ी
धारा 338 BNS / 467 IPC कूटरचना
धारा 336(3) BNS / 468 IPC छल के उद्देश्य से कूटरचना
धारा 229 BNS / 193 IPC झूठे साक्ष्य गढ़ना
धारा 308 BNS / 383 IPC उद्दापन
अतिरिक्त मांगें
स्कॉर्पियो गाड़ी पुलिस द्वारा बरामद कर माताजी को सौंपी जाए
30 लाख रुपये के प्लॉट का पैसा या प्लॉट वापस दिलाया जाए
जीजा द्वारा दिए गए पैसे वापस करवाए जाएं
झूठे रेप केस से बचाया जाए
परिवार का दर्द
शिकायतकर्ता सोनू जाट ने बताया कि उनके पिता की मृत्यु हो चुकी है माताजी दर-दर भटक रही हैं और भाई जेल में है। उन्होंने एसपी कार्यालय कलेक्टर कार्यालय समेत कई जगह आवेदन दिए हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। एक वीडियो संदेश में परिवार की महिला सदस्य ने भी यही आरोप दोहराते हुए कहा कि अगर सुनवाई नहीं हुई तो वे इच्छा मृत्यु की मांग करते हैं।
शिकायतकर्ता सोनू जाट और उनके परिवार की ओर से लगाए गए हैं। एडवोकेट चेतना अवस्थी का पक्ष अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस जांच के बाद ही इन आरोपों की सत्यता सामने आएगी।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत