रतलाम / जावरा। व्यक्ति दुनिया से विदा होने के बाद भी किसी के जीवन में रंग भर जाए और किसी की अंधेरी जिंदगी को रोशनी से रोशन कर दे, ऐसे परमार्थ के कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी मिसाल बन जाते हैं। ऐसा ही अनुकरणीय और साहसपूर्ण निर्णय मुणत परिवार ने परिवार के पितृ पुरुष एवं नेत्रदानी श्रीमान संतोष कुमार जी मुणत के निधन के बाद लिया। शोक की इस कठिन घड़ी में परिवार ने नेत्रदान का संकल्प लेकर दो जरूरतमंद व्यक्तियों के जीवन में रोशनी की राह प्रशस्त करने का पुनीत कार्य किया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए लायन्स क्लब जावरा के सचिव ला. संदीप रांका ने बताया कि जीते जी तो हर व्यक्ति अपनी सामर्थ्य के अनुसार सेवा और धर्म के कार्य करता है, लेकिन मृत्यु के बाद भी किसी के जीवन को रोशन करने का संकल्प लेना वास्तव में अनुकरणीय परमार्थ है। मुणत परिवार ने अपने परिवार के पितृ पुरुष संतोष कुमार मुणत के नेत्रदान का साहसपूर्ण निर्णय लेकर समाज के सामने मानव सेवा की प्रेरणादायी मिसाल प्रस्तुत की है।
नेत्रदान के इस पुनीत कार्य में लायन्स क्लब जावरा के सक्रिय साथी एवं समाजसेवी तथा रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन ला. वीरेंद्र सिसोदिया KV की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने परिवार से चर्चा कर नेत्रदान के लिए प्रेरित किया और इस सेवा कार्य को सफल बनाने में सहयोग किया।
मुणत परिवार की ओर से भ्राता चिमनलाल जी, राजकुमार जी, ज्ञानचंद जी तथा पुत्र वैभव एवं भतीजे आशीष, श्रीपाल और पीयूष मुणत द्वारा लिया गया यह निर्णय वंदनीय एवं अभिनंदनीय बताया गया। परिवार के इस निर्णय को सामाजिक सेवा और मानवता के प्रति समर्पण का उदाहरण माना जा रहा है।
इस अवसर पर लायन्स क्लब जावरा ने मुणत परिवार के प्रति साधुवाद व्यक्त करते हुए शोक संवेदना प्रकट की तथा परमपिता परमेश्वर से परिवार को इस वज्रपात को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। क्लब की ओर से संतोष कुमार मुणत को भावपूर्ण एवं विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
मुणत परिवार को उनके पुनीत निर्णय के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह प्रशस्ति पत्र रेडक्रॉस सोसायटी चेयरमैन ला. वीरेंद्र सिसोदिया KV द्वारा लायन्स क्लब जावरा के माध्यम से प्रदान किया गया।
नेत्रदान की प्रक्रिया में लायन्स क्लब जावरा द्वारा संचालित लायन्स नेत्र चिकित्सालय के अजय प्रजापत, वजेराम प्रजापत एवं पुरण सिंह राजपूत का भी सराहनीय सहयोग रहा। परिवार के इस निर्णय ने एक बार फिर संदेश दिया कि सेवा और मानवता का संकल्प जीवन के बाद भी किसी के लिए नई जिंदगी और नई रोशनी का कारण बन सकता है।
रिपोर्टर जीतेन्द्र कुमावत