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चीताखेड़ा । श्री श्वेतांबर श्री संघ में चातुर्मास के लिए विराजित साध्विवर्या सरल स्वभावी विदुषी परम् पूज्या साध्वी श्री धृति पूर्णा श्रीजी व वात्सल्य मूर्ति साध्वी श्री अभय पूर्णा श्रीजी आदि ठाणा 2 का चातुर्मास धार्मिक आयोजनों के साथ चल रहा है। साध्विवर्या की प्रेरणा से श्री संघ में तपस्या की झड़ी लगी हुई है। प्रवचनों और जिनवाणी से प्रेरित होकर श्रावक -श्रमिकाओं ने विभिन्न कठिन तपस्याएं पूर्ण की। तपस्वी की तपस्या के अनुमोदनार्थ सोमवार को लाभार्थी परिवार सनत कुमार झातरिया की पुत्रवधू एवं प्रकाश झातरिया की अर्धांगिनी द्वारा 9 तप की अद्भूत तपस्या पूरी होने पर तपस्वी और प्रभु जी का सोमवार को गाजे-बाजे व ढोल ढमाकों के साथ भव्य वरघोड़ा निकाला गया। इस दौरान वरघोड़ा नगर के श्री चंद्रप्रभ स्वामी और श्री मुनि सुव्रत स्वामी जिनालय में दर्शन वंदन करते हुए प्रमुख मार्गों से परिभ्रमण करते हुए आराधना भवन पहुंचा। जहां आयोजन धर्म सभा में परिवर्तित हो गया। गाजे-बाजे व ढोल ढमाकों के साथ निकले वरघोड़े में भी श्री संघ के सदस्य उत्साह पूर्वक शामिल हुए। धर्म सभा में श्री संघ द्वारा 9 उपवास तक की अद्भुत तपस्या पूर्ण करने वाली तपस्वी श्रीमती ममता बेन झातरिया का शाल श्रीफल माला से सम्मान कर तपस्वी की अनुमोदन की गई। इस दौरान श्री संघ के सदस्यों ने जयकारों के साथ तपस्वी का उत्साहवर्धन किया। पूज्या साध्विवर्या भगवंत ने मंगलाचरण प्रस्तुत कर तपस्या की महत्ता पर प्रकाश डाला तथा तपस्वी श्रीमती ममता बेन झातरिया ने श्री संघ के सदस्यों और बाहर से आए मेहमानों का आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम का संचालन राजेश जैन और गजेंद्र बोहरा ने किया।श्री संघ अध्यक्ष अशोक चपलोत ने बताया कि श्री संघ के सदस्यों के सहयोग से संपूर्ण कार्यक्रम निर्विघ्न संपन्न हुआ। उन्होंने सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सहयोग मिलने की भावना व्यक्त की। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक रूप से स्वामी वात्सल्य किया गया। रिपोर्ट : दशरथ जी माली |