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चीताखेड़ा । स्थानीय श्रीनाथ एकेडमी और हाई स्कूल में शिक्षक दिवस और श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पवन पर्व बेहद उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस वर्ष यह संयोग अनूठा रहा, क्योंकि भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जन्म जयंती (शिक्षक दिवस) और जगद्गुरु भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव (जन्माष्टमी) महोत्सव एक ही दिन पड़े, जिससे श्रीनाथ एकेडमी परिसर में भक्ति, सम्मान और ज्ञान का अद्भुत संगम देखने को मिला। समारोह की शुरुआत विशेष प्रार्थना सभा और दीप प्रज्ज्वलित से हुई ,इस अवसर पर पूरे परिसर को सजाया गया। श्री नाथ एकेडमी के नर्सरी एवं एलकेजी के नन्हे-मुन्ने बच्चे भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी के रुप में सज-धज कर आए, सभी का मन मोहक आयोजन किया गया। नन्हे मुन्ने बच्चे उनकी मासूम मुस्कान और नटखट भंगिमाओं ने वातावरण को आनंदमय बना दिया।माखन चोर की बाल लीलाओं और बांसुरी की मधुर धुनों पर बच्चों की प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से परिचित करवाते हुए प्रेम, मित्रता, करुणा और सद्भावना जैसे जीवन मूल्यों का विकास करना था। विद्यार्थियों ने गुरुओं के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस अवसर पर श्रीनाथ एकेडमी और हाई स्कूल के प्राचार्य श्रीमती वंदना चौहान ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा त्यौहार केवल उत्सव नहीं संस्कारों की सुंदर पाठशाला है। एक तरफ जहां हम सर्वपल्ली डॉ राधाकृष्णन को याद कर शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ भगवान श्री कृष्ण हमें कर्म योग की सीख देते हैं। श्री कृष्ण स्वयं इस सृष्टि के सबसे बड़े शिक्षक हैं और उनके द्वारा गीता में दिया गया ज्ञान आज भी हमारा मार्ग प्रशस्त करता है। रिपोर्ट : दशरथ जी माली |