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"साइबर ट्रैकिंग, मुखबिर की सटीक सूचना और पुलिस की अथक मेहनत लाई रंग; राजस्थान का आरोपी महाराष्ट्र में छिपकर कर रहा था नौकरी"
रतलाम/शिवगढ़
मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रतलाम जिले की शिवगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। वर्ष 2024 में डोडाचूरा से भरी क्रेटा कार छोड़कर फरार हुए एनडीपीएस एक्ट के आरोपी को पुलिस ने करीब दो साल बाद महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रहा आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था, लेकिन साइबर सेल की तकनीकी सहायता और मुखबिर तंत्र की सटीक सूचना के चलते आखिरकार वह पुलिस के शिकंजे में आ गया।
लावारिस मिली थी डोडाचूरा से भरी क्रेटा कार
पुलिस के अनुसार थाना शिवगढ़ के अपराध क्रमांक 273/24 में 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। घटना के दौरान थाना प्रभारी निरीक्षक रणजीत सिंह मकवाना अपनी टीम के साथ रात्रि गश्त पर थे। ग्राम काजलियापाड़ा के समीप 8 लेन मार्ग पर एक सफेद रंग की क्रेटा कार (क्रमांक MP-09-CU-6977) संदिग्ध हालत में खड़ी मिली।
कार के कांच खुले थे और चाबी भी वाहन में लगी हुई थी। मौके पर 8 लेन कर्मचारियों अमित कुमार ब्राह्मण निवासी मेरठ (उत्तर प्रदेश) एवं प्रकाश देवड़ा निवासी खेरियापाड़ा की मौजूदगी में वाहन की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कार में काले रंग के कट्टों में भरे हुए भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा के छिलके बरामद हुए।
रात्रि में अंधेरा और सुनसान क्षेत्र होने के कारण पुलिस ने वाहन को क्रेन की सहायता से थाना परिसर लाकर प्रकाश व्यवस्था में विधिवत कार्रवाई की तथा पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी भी करवाई। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
टावर लोकेशन ने खोला राज, राजस्थान से जुड़ा तार
प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल तथा एसडीओपी रतलाम ग्रामीण किशोर पाटनवाला के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया।
जांच के दौरान साइबर सेल ने टावर लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी मोहनलाल भादु की पहचान की। आरोपी मूल रूप से राजस्थान के जालौर जिले के भीनमाल थाना क्षेत्र के ग्राम पुनासा का निवासी निकला।
पुणे में फर्नीचर मॉल में छिपा बैठा था आरोपी
तकनीकी जानकारी और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस टीम महाराष्ट्र के पुणे पहुंची। वहां सूचना मिली कि आरोपी मोहनलाल पिता रूघनाथराम भादु (26 वर्ष), जाति विश्नोई, बीआरटी रोड स्थित वीर फर्नीचर मॉल, वाकड़ (पिंपरी चिंचवड़, पुणे) में काम कर रहा है।
सूचना की पुष्टि होने पर पुलिस टीम स्थानीय पुलिस की सहायता से मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया।
लंबे समय से फरार था आरोपी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था और अपनी पहचान छिपाकर महाराष्ट्र में रह रहा था। पुलिस की लगातार निगरानी, साइबर ट्रैकिंग और मुखबिर नेटवर्क की वजह से आखिरकार उसे गिरफ्तार करने में सफलता मिली।
इन अधिकारियों और जवानों की रही सराहनीय भूमिका
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रणजीत सिंह मकवाना के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अहम भूमिका निभाई।
टीम में शामिल रहे— उप निरीक्षक शांतिलाल चौहान, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक रघुवीर सिंह शक्तावत, प्रधान आरक्षक अमित त्यागी, प्रधान आरक्षक दिनेश खींची, आरक्षक मनीष खराड़ी, आरक्षक विजय मंडलोई,आरक्षक रावजी गणवा,आरक्षक रमेश सोलंकी, आरक्षक नितेश नलवाया,सैनिक राकेश पण्या, साइबर सेल के आरक्षक विपुल भावसार, आरक्षक तुषार सिसोदिया तथा साइबर सेल की पूरी टीम
एसपी ने की पुरस्कार की घोषणा
आरोपी की गिरफ्तारी में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पुलिस टीम की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने पूरी टीम को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की है।
Crime reporter Jitendra Kumawat