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चीताखेड़ा। चैत्र नवरात्र के आठवें दिन महाष्टमी पर मां महागौरी की आराधना के साथ आवरी माता धाम में आस्था का विशाल सैलाब उमड़ पड़ा। अल सुबह से देर रात तक हजारों श्रद्धालु हाथों में ध्वजा लिए पैदल और वाहनों से माता के दरबार में पहुंचते रहे। तेज गर्मी और धूप भी भक्तों के उत्साह को नहीं रोक सकी और सभी ने मां जगदंबा के दिव्य दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया, वहीं गर्भगृह में माता का फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया। मंदसौर, प्रतापगढ़, नीमच, जावद, निंबाहेड़ा, भीलवाड़ा सहित दूरदराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सेवा और समर्पण की मिसाल बने स्टॉल मेला मार्ग पर जगह-जगह समाजसेवियों, धार्मिक संगठनों और युवाओं द्वारा ठंडा पानी, रसना, फलाहार और अल्पाहार के स्टॉल लगाए गए। ग्रामीणों की आत्मीयता ऐसी रही कि श्रद्धालु बिना कुछ लिए आगे नहीं बढ़ पाए। नौ दिनों तक निःशुल्क जल सेवा और भोजन की व्यवस्था ने सेवा भाव की अनूठी मिसाल पेश की। वहीं डॉ. बबलू वैष्णव द्वारा श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क चिकित्सा सेवा भी दी गई। विद्युत सज्जा बनी आकर्षण का केंद्र मंदिर परिसर और मेला स्थल को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया, जिसने शाम ढलते ही पूरे क्षेत्र को जगमगा दिया। यह आकर्षक सज्जा श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण का केंद्र रही। मेले में मनोरंजन और खरीदारी की धूम नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक लगने वाले मेले में झूले, चकरी, नाव, टोराटोरा सहित कई मनोरंजन साधन मौजूद रहे। साथ ही मनिहारी, खिलौने और खाने-पीने की दुकानों ने मेले की रौनक बढ़ा दी। पुलिस व्यवस्था रही चुस्त मेले में सुरक्षा व्यवस्था सख्त रही। पुलिस प्रशासन ने हर गतिविधि पर नजर बनाए रखी, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिला। हवन-पूजन और धार्मिक आयोजन महाष्टमी पर विशेष हवन-पूजन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। गोपाल सिंहल द्वारा 19वें वर्ष में आयोजित यज्ञ में भक्तों ने आहुतियां देकर धर्म लाभ अर्जित किया। भंडारे में उमड़ा जनसैलाब अग्रवाल-सिंहल परिवार और मंदिर समिति द्वारा आयोजित विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। नवरात्रि के इन पावन दिनों में आवरी माता धाम आस्था, श्रद्धा और सेवा का केंद्र बना हुआ है, जहां हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचकर मां का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। रिपोर्ट: दशरथ माली |