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जावी : कमल सरोवर नगरी जावी स्थित श्री गुर्जरखेड़ा धाम में चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर महानवमी पर भव्य धार्मिक अनुष्ठान के बाद छमाही भविष्यवाणी सामने आई, जिसमें आगामी छह माह के मौसम, कृषि, व्यापार और जनजीवन को लेकर महत्वपूर्ण संकेत दिए गए। मंदिर में विधिवत पूजन, हवन, कन्या पूजन और महाआरती के पश्चात पंडित घनश्याम लौहार के माध्यम से श्री गुर्जरखेड़ा सरकार ने भविष्यवाणी करते हुए चेतावनी दी कि आने वाले समय में भीषण गर्मी का प्रकोप रहेगा, यहां तक कि अत्यधिक तापमान के कारण आगजनी की घटनाएं भी हो सकती हैं। सामान्य आंधी-तूफानों के बीच तीन बड़े विकराल तूफानों की आशंका जताई गई है, जिनसे जनहानि तक हो सकती है। जनमानस को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बारिश को लेकर भविष्यवाणी में कहा गया कि इस बार अल्पवर्षा के संकेत हैं, हालांकि कुछ क्षेत्रों में अच्छी वर्षा से जल स्रोत भर सकते हैं, जबकि कई जगह सूखे जैसी स्थिति बनी रह सकती है। सावन माह में बारिश होगी, लेकिन बीच में 8 से 10 दिन सूखे रहने की संभावना जताई गई है। कृषि क्षेत्र के लिए राहत भरी खबर देते हुए कहा गया कि सोयाबीन, मक्का और मूंगफली का उत्पादन अच्छा रहेगा, जबकि कम बारिश के कारण अजवाइन की फसल प्रभावित हो सकती है। सोयाबीन पकने के समय हल्की बारिश से किसानों को कटाई में परेशानी आ सकती है। मंडी भाव को लेकर अनुमान में बताया गया कि लहसुन में तेज उछाल देखने को मिलेगा, भाव 19 से 22 हजार तक पहुंच सकते हैं सोयाबीन 5,000 से 6,000 रुपए प्रति क्विंटल तक प्याज 1,000 से 1,700 रुपए तक चना, मसूर, मेथी सहित अन्य फसलों में भी सामान्य से तेज रुख रहेगा व्यापार जगत को लेकर संकेत दिए गए कि सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा, जबकि किराना, वस्त्र और लौह व्यापार में तेजी बनी रहेगी। भविष्यवाणी में यह भी कहा गया कि आगामी छह माह में दुर्घटनाओं में वृद्धि होगी, इसलिए वाहन चालकों को संयम बरतने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में किसी बड़ी महामारी का खतरा नहीं, लेकिन सामान्य बीमारियां बनी रहेंगी। जनमानस को सलाह दी गई कि प्राकृतिक असंतुलन को दूर करने के लिए धार्मिक उपाय अपनाएं, विशेष रूप से सावन में खेड़ा देवता की पूजा करने से वर्षा और उत्पादन की स्थिति संतुलित हो सकती है। धाम के प्रवक्ता दिलीप पाटीदार ने बताया कि यह भविष्यवाणी हर वर्ष की तरह श्रद्धा और परंपरा के अनुसार की गई, जिसे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सुना और आस्था व्यक्त की। |