रतलाम / सैलाना
सैलाना क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण है कि देश के वरिष्ठ साहित्यकार, चिंतक, कवि और लेखक राजेंद्र उपाध्याय को केरल की सांस्कृतिक राजधानी कोच्चि में उनके उत्कृष्ट साहित्यिक योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।
21 से 23 मार्च तक आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित आर्थर्स गिल्ड ऑफ इंडिया, नई दिल्ली के 50वें अधिवेशन में यह सम्मान समारोह आयोजित होगा, जिसमें देश-विदेश के लगभग 140 नामचीन लेखक और साहित्यकार भाग लेंगे।
मूल रूप से सैलाना विकासखंड के शिवगढ़ निवासी राजेंद्र उपाध्याय साहित्य जगत का बड़ा और प्रतिष्ठित नाम हैं। वे सैलाना के वरिष्ठ पत्रकार स्व. लक्ष्मीनारायण त्रिवेदी के नाती, वरिष्ठ पत्रकार स्व. कैलाशनारायण त्रिवेदी के भांजे तथा वरिष्ठ पत्रकार वीरेन्द्र त्रिवेदी के फुफेरे भाई हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा सैलाना में अपने ननिहाल में स्व. लक्ष्मीनारायण त्रिवेदी के मार्गदर्शन में हुई।
राजेंद्र उपाध्याय के पिता स्व. डॉ. एम.एल. उपाध्याय भी कानून के क्षेत्र में प्रतिष्ठित विद्वान थे। रतलाम से लॉ में गोल्ड मेडल प्राप्त करने के बाद उन्हें भारत सरकार के वजीफे पर उच्च अध्ययन के लिए लंदन भेजा गया था। उन्होंने नई दिल्ली, मेरठ, कोलकाता, जबलपुर और शिमला सहित देश के कई विश्वविद्यालयों में कानून का अध्यापन किया।
वर्तमान में नोएडा में निवासरत राजेंद्र उपाध्याय ने हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर और कानून में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। वे आकाशवाणी नई दिल्ली में संयुक्त निदेशक पद से सेवानिवृत्त हुए।
1983 में भारतीय सूचना सेवा से अपने करियर की शुरुआत करने वाले उपाध्याय अब तक 30 से अधिक साहित्यिक पुस्तकें और कविता संग्रह लिख चुके हैं। उनकी कई पुस्तकें देश के स्कूलों और कॉलेजों के पाठ्यक्रम में भी शामिल हैं।
देश-विदेश के अनेक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके राजेंद्र उपाध्याय को विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं द्वारा कई बार सम्मानित किया जा चुका है। कोच्चि में होने वाला यह सम्मान समारोह सैलाना क्षेत्र के लिए भी गौरव और प्रेरणा का विषय माना जा रहा है।
रिपोर्टर - जितेंद्र कुमावत