रतलाम/सैलाना
जिले के ग्रामीण और सुदूर वनांचल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। जिला पंचायत रतलाम के उपाध्यक्ष और जिला शिक्षा समिति के अध्यक्ष श्री केशुराम निनामा के सतत प्रयासों के बाद जिले की विभिन्न जनपदों में 22 नई सुदूर सड़कों के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इन सड़कों की कुल लंबाई और व्यापकता को देखते हुए मध्य प्रदेश शासन की राज्यमंत्री (पंचायत एवं ग्रामीण विकास) श्रीमती राधा सिंह ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) को त्वरित कार्यवाही के कड़े निर्देश दिए हैं।
कच्ची सड़कों और कीचड़ से मिलेगी मुक्ति
रतलाम जिले के सैलाना, बाजना और ग्रामीण क्षेत्रों में एक बड़ी समस्या बारिश के दौरान आवागमन ठप होना है। श्री केशुराम निनामा ने शासन को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए बताया था कि मनरेगा के तहत बनने वाली इन सुदूर सड़कों (Remote Roads) के अभाव में ग्रामीण, विशेषकर स्कूली बच्चे और मरीज, बारिश के चार महीनों में पूरी तरह कट जाते हैं। कई गांवों में श्मशान घाट तक जाने वाले रास्ते तक नहीं थे, जिससे अंतिम संस्कार जैसे कार्यों में भी भारी परेशानी उठानी पड़ती थी।
कहां-कहां बिछेगी सड़कों की सौगात? (विस्तृत सूची)
अनुशंसित प्रस्ताव के अनुसार, इन क्षेत्रों में 1-1 किलोमीटर की ग्रेवल सड़कों का निर्माण किया जाएगा:
(1) जनपद पंचायत सैलाना: यहां सबसे अधिक सड़कों की स्वीकृति मिली है। इसमें ग्राम पंचायत बावड़ी (धामनोण्डा), तालाबबोर्डी (सागलाखो), कुआंझागर, भामट, केल्दा, पाटडा (श्मशान घाट मार्ग), सासर, डुगरापुंजा, नारायणगढ़ और अडवानिया (जयस नगर) शामिल हैं।
(2) जनपद पंचायत बाजना: आदिवासी बाहुल्य बाजना के घटालिया, मरगुल, रावटी (मेलघाटा), खेरदा, नाहरपुरा, मोलावा, पिपलीपाड़ा और आमलीपाड़ा की जनता को इन सड़कों का सीधा लाभ मिलेगा।
(3) रतलाम ग्रामीण एवं पिपलौदा: राजपुरा (साल्यारुंडी) बरखेड़ी (ढोडर कांकड़) और बिरमावल (कुंढाल मार्ग) की सड़कों को भी इस महत्वपूर्ण योजना में स्थान मिला है।
प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज
राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह ने न केवल इन कार्यों की अनुशंसा की है बल्कि 10 मार्च 2026 को जारी अपने आधिकारिक आदेश में CEO जिला पंचायत रतलाम को स्पष्ट किया है कि इन कार्यों को प्राथमिकता पर लेकर नियमानुसार प्रक्रिया पूर्ण की जाए। इस आदेश के बाद अब ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) और जनपद स्तर पर तकनीकी सर्वे और प्राक्कलन (Estimate) तैयार करने की हलचल तेज हो गई है।
क्षेत्रीय विकास में मील का पत्थर
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि श्री केशुराम निनामा द्वारा एक साथ 22 सड़कों का प्रस्ताव स्वीकृत कराना क्षेत्र के विकास के प्रति उनकी सक्रियता को दर्शाता है। इससे न केवल ग्रामीणों को रोजगार (मनरेगा के माध्यम से) मिलेगा बल्कि गांवों की मुख्य मार्गों से कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।
मेरा संकल्प है कि मेरे क्षेत्र का कोई भी गांव या फलिया विकास की मुख्य धारा से अछूता न रहे। ये 22 सड़कें केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि ग्रामीणों की सुविधा और स्वावलंबन का रास्ता हैं। हम जल्द से जल्द इनका निर्माण शुरू करवाएंगे। — केशुराम निनामा, उपाध्यक्ष, जिला पंचायत रतलाम
रिपोर्टर -जितेंद्र कुमावत