रतलाम / भोपाल। आदिवासी बाहुल्य सैलाना विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था की बदहाल बुनियादी सुविधाओं को लेकर विधायक कमलेश्वर डोडियार ने अब भोपाल में आवाज बुलंद की है। क्षेत्र के जर्जर और जीर्ण-शीर्ण स्कूल भवनों के पुनर्निर्माण तथा वर्षों से अधूरे पड़े छात्रावास भवनों को पूर्ण कर विद्यार्थियों के लिए शुरू कराने की मांग को लेकर विधायक डोडियार ने मध्यप्रदेश शासन के जनजातीय कार्य मंत्री एवं रतलाम जिला प्रभारी मंत्री विजय शाह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की शैक्षणिक समस्याओं को प्रमुखता से रखते हुए विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े इन महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता से स्वीकृति देने का आग्रह किया।
विधायक ने मंत्री को बताया कि सैलाना विधानसभा के ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में कई स्कूल भवन बेहद जर्जर अवस्था में हैं। इन भवनों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को असुविधाओं के साथ पढ़ाई करनी पड़ रही है। स्कूल भवनों की खराब स्थिति न केवल शिक्षा के वातावरण को प्रभावित कर रही है, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़ा गंभीर विषय भी है। ऐसे में पुराने और जर्जर भवनों का पुनर्निर्माण कर नवीन स्कूल भवनों की स्वीकृति दिया जाना समय की आवश्यकता है।
अधूरे छात्रावास बन रहे विद्यार्थियों की सुविधाओं में बाधा
विधायक कमलेश्वर डोडियार ने क्षेत्र में लंबे समय से अधूरे पड़े छात्रावास भवनों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा आदिवासी और ग्रामीण विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के साथ आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छात्रावास भवनों का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन कई स्थानों पर निर्माण कार्य अधूरे होने के कारण विद्यार्थियों को इन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इन भवनों को शीघ्र पूर्ण कराकर विद्यार्थियों के उपयोग के लिए शुरू किया जाना चाहिए।
शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की मांग
विधायक ने मंत्री विजय शाह से आग्रह किया कि संबंधित विभागीय अधिकारियों को क्षेत्र के जर्जर स्कूल भवनों का सर्वे करवाने, नवीन भवनों के प्रस्ताव तैयार करने और अधूरे छात्रावासों की वास्तविक स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही आवश्यक बजट एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए।
डोडियार ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव है। विशेषकर आदिवासी अंचल के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को सुरक्षित स्कूल भवन, गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण और बेहतर छात्रावास सुविधाएं उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।
विद्यार्थियों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव में अपने भविष्य से समझौता नहीं करना पड़े, इसके लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
विधायक ने स्पष्ट किया कि सैलाना विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल सहित तमाम बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को वे लगातार शासन और प्रशासन के समक्ष उठाते रहेंगे।
अब देखना होगा कि मंत्री स्तर पर उठाए गए इन मुद्दों के बाद विभागीय स्तर पर कितनी जल्दी कार्रवाई होती है और सैलाना के विद्यार्थियों को जर्जर भवनों एवं अधूरे छात्रावासों की समस्या से कब तक राहत मिलती है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत