रतलाम/सैलाना। मध्यप्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ सुनिश्चित करने का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। सैलाना विधानसभा क्षेत्र के विधायक कमलेश्वर डोडियार ने इस मामले में पहल करते हुए महामहिम राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आवश्यक संवैधानिक एवं विधिक कार्यवाही की मांग की है। विधायक ने आरक्षण से जुड़े न्यायिक आदेशों और संवैधानिक प्रावधानों की समीक्षा कर वर्तमान विधिक स्थिति के अनुरूप प्रभावी तथा समयबद्ध निर्णय लेने की अपील की है।
विधायक कमलेश्वर डोडियार ने 17 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र क्रमांक 684/VIP/2026 के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग को सामाजिक न्याय दिलाने और शासन-प्रशासन में समुचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दृष्टि से 27 प्रतिशत आरक्षण का विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्ष 2019 में राज्य शासन द्वारा इस संबंध में की गई विधिक व्यवस्था तथा उच्च न्यायालय के प्रासंगिक न्यायिक निर्णयों को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में ठोस पहल की आवश्यकता है।
न्यायिक आदेशों के अनुरूप हो विधिक समीक्षा
विधायक ने अपने पत्र में तीन प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने 27 प्रतिशत आरक्षण से संबंधित प्रचलित न्यायिक आदेशों और संवैधानिक प्रावधानों के आलोक में व्यापक विधिक समीक्षा कराने की मांग की है। साथ ही उपलब्ध संवैधानिक एवं कानूनी विकल्पों के अनुरूप आरक्षण का लाभ सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर प्रभावी कार्यवाही करने पर जोर दिया है।
डोडियार ने संबंधित विभागों को निर्देशित कर प्रकरण में अब तक हुई कार्यवाही की समीक्षा कराने तथा शीघ्र निर्णय सुनिश्चित करने की भी अपील की है। उनका कहना है कि अन्य पिछड़ा वर्ग के सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण के दृष्टिगत इस विषय को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपेक्षा
विधायक ने राज्यपाल के साथ मुख्यमंत्री को भी इसी विषय पर पत्र लिखकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। दोनों पत्रों के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया है कि आरक्षण के मुद्दे पर वर्तमान कानूनी स्थिति का आकलन करते हुए उपलब्ध विधिक विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए, ताकि नियमानुसार पात्र वर्ग को आरक्षण का लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।
अब इस मामले में राज्य शासन की ओर से की जाने वाली कार्यवाही पर नजर रहेगी। महत्वपूर्ण सवाल यह है कि संबंधित विभाग विधिक समीक्षा और न्यायिक आदेशों के आलोक में आगे क्या कदम उठाते हैं तथा ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण को लेकर कोई समयबद्ध निर्णय लिया जाता है या नहीं।
विधायक कमलेश्वर डोडियार की इस पहल से प्रदेश में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर एक बार फिर संवैधानिक प्रक्रिया, कानूनी विकल्पों और सामाजिक न्याय को लेकर चर्चा तेज होने की संभावना है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत