दशहरा मेले में झूले लगाने अजमेर से आया था परिवार, नहाने के दौरान गहरे पानी में जाने से हुआ हादसा
दो से तीन घंटे की मशक्कत के बाद निकाले गए दोनों बच्चों के शव, तहसीलदार शत्रुघ्न चतुर्वेदी सहित पुलिस-प्रशासन और नगर परिषद की टीम मौके पर पहुंची
जीरन । जीरन में शनिवार को दशहरा उत्सव की तैयारियों के बीच एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां तालाब में डूबने से राजस्थान के अजमेर जिले से आए एक मजदूर परिवार के 12 वर्षीय बालिका मुन्ना और उसके 7 वर्षीय छोटे भाई तालीम की मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
जानकारी के अनुसार, राजस्थान के अजमेर जिले के टाटूटी तहसील क्षेत्र से कुछ परिवार जीरन में आयोजित दशहरा महोत्सव के दौरान झूले लगाने और मजदूरी कर अपनी आजीविका चलाने के लिए आए हुए थे। शनिवार को दोपहर करीब 2 बजे परिवार के सदस्य झूले लगाने के काम में व्यस्त थे। इसी दौरान कुछ बच्चे पास स्थित तालाब की ओर चले गए और वहां नहाने लगे। तालाब की गहराई का अंदाजा नहीं होने के कारण मुन्ना और तालीम गहरे पानी में चले गए और डूब गए।
सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला पहुंचा मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और नगर परिषद के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। जीरन तहसीलदार शत्रुघ्न चतुर्वेदी और कस्बा पटवारी मनोहर पाटीदार भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। तालाब में डूबे बच्चों की तलाश के लिए तत्काल प्रयास शुरू किए गए। इस दौरान जीरन निवासी रामलाल परमार ने भी बचाव कार्य में मदद की।
काफी मशक्कत के बाद पहले 7 वर्षीय तालीम को तालाब से बाहर निकाला गया। इसके बाद तलाश जारी रखते हुए करीब तीन घंटे की मेहनत के बाद 12 वर्षीय मुन्ना को भी बाहर निकाला गया। दोनों बच्चों को तत्काल जीरन अस्पताल ले जाया गया, जहां मौजूद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेजे शव
पुलिस के अनुसार, दोनों बच्चों के शव पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेजे गए हैं। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। पुलिस ने घटनास्थल का पंचनामा तैयार कर मर्ग कायम किया है और मामले की जांच की जा रही है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
दशहरा महोत्सव में झूले लगाकर मेहनत-मजदूरी करने आए परिवार के दो मासूम बच्चों की एक साथ मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। रोजी-रोटी की तलाश में राजस्थान से जीरन आए परिवार के लिए यह हादसा कभी न भूलने वाला दर्द बन गया। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।
विनोद सांवला हरवार