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एडिशनल एसपी को सौंपा ज्ञापन, 24 से 26 सितंबर तक के कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित कराने की मांग; निष्पक्ष जांच नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी नीमच। थाना बघाना पुलिस द्वारा 642 ग्राम एमडी ड्रग्स और 5 किलो डोडाचूरा बरामदगी के मामले में गिरफ्तार कुशाल धनकानी को लेकर अब नया विवाद खड़ा हो गया है। सिंधी समाज ने कुशाल की गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। समाज के प्रतिनिधियों ने गुरुवार को एडिशनल एसपी हेमलता अग्रवाल को ज्ञापन सौंपकर घटनाक्रम से जुड़े सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराने की मांग की। ज्ञापन के अनुसार, 24 सितंबर की शाम कुशाल धनकानी स्कूटी लेकर अपने घर से निकला था, लेकिन रात में वापस नहीं लौटा। अगले दिन परिजनों को जानकारी मिली कि उसे एनडीपीएस प्रकरण क्रमांक 318/2026 में आरोपी बनाया गया है। घटनास्थल को लेकर भी उठाए सवाल सिंधी समाज का दावा है कि पुलिस द्वारा जिस स्थान को घटनास्थल बताया जा रहा है, वहां कुशाल मोटरसाइकिल पर मौजूद नहीं था। समाज की ओर से आरोप लगाया गया है कि कुशाल को किसी अन्य स्थान से ले जाकर मामले में शामिल किया गया। इन दावों की वास्तविकता सामने लाने के लिए समाज ने बालाजी धाम के पास स्थित पेट्रोल पंप, थाना बघाना की ओर जाने वाले मार्ग, आसपास के प्रतिष्ठानों तथा थाने के बाहर मुख्य सड़क पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित करवाने की मांग की है। स्कूटी की चाबी और राशि मांगने के आरोप ज्ञापन में कुशाल की स्कूटी की चाबी पुलिसकर्मी द्वारा ले जाने तथा वाहन वापस करने के लिए राशि मांगने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। CCTV फुटेज से साफ हो सकती है तस्वीर सिंधी समाज का कहना है कि 24 सितंबर की रात से 26 सितंबर की दोपहर तक की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित कर उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए। समाज के अनुसार, फुटेज से कुशाल की गतिविधियों और पुलिस कार्रवाई से जुड़े घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं की गई और संबंधित सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर उपलब्ध नहीं कराए गए तो आंदोलन किया जाएगा। पुलिस का पक्ष पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है तथा मामले की विवेचना जारी है। कुशाल की गिरफ्तारी को लेकर लगाए गए आरोपों और पुलिस कार्रवाई की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। |