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नीमच। सनातन धर्म की जड़ो पर लगातार चौंट करने वालो को कल मंगलवार को ब्राह्मण समाज ने करारा जवाब दिया। बरसो से यह झूठ फैलाया जा रहा है कि दलित व पिछड़े लोगों का ब्राह्मण व सवर्ण समाज ने शोषण किया था। उन्हे मंदिरों मे प्रवेश नही दिया जाता है,छूआ छूत कर अनादर किया जाता है। इस षडय़ंत्र की कल पोल खुल गई। हिंदुस्तान के इतिहास मे कल पहली बार भागवत कथा की कलश यात्रा से पहले ब्राह्मण समाज व सवर्ण समाज के लोगो ने फव्वारा चौक पर स्थापित महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन कियाऔर भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया। इसके पश्चात उपस्थित समस्त सनातनियों को कलश यात्रा मे शामिल होकर पंचवटी स्थित बड़ेेवाले परशुराम धाम तक चलने का आमंत्रण दिया। ब्राह्मण समाज की इस पहल की सर्वत्र प्रशंसा हुई वही सनातन की जड़ों मे तेल डालने वालो के होश फाख्ता हो गए। एक झटके मे बरसो का झूठ बेनकाब हो गया। निकली कलश यात्रा-वाल्मीकि चौराहे से सर्व समाज जन समीप के ही बालाजी मंदिर पहुंचे और धूमधाम से कलशयात्रा निकली। सामाजिक समरसता व सद्भाव का अद्भूत नजारा शहरवासियों ने देखा। डीजे की धून पर थिरकते हुए महिलाओं व पुरूषों पर लोगों ने पुष्प वर्षा की। सिर पर कलश धारण किए महिलाएं चल रही थी । जगत गुरू स्वामी रामभद्राचार्य जी के शिष्य पं.श्री रोहित जी नागर चार पहिया वाहन मे सवार होकर लोगो का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे। सर्व ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष उमेश शर्मा, विप्र सेना महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष निधि शर्मा व भागवत कथा प्रभारी संगीता शर्मा ने सनातन धर्म की एकता के लिए निकली कलश यात्रा मे शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को बधाई देते हुए आभार प्रकट किया है। |