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रतलाम / सैलाना (सकरावदा)। पशु चिकित्सालय सकरावदा में पदस्थ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी श्री रमेशचंद्र बारोट (रमेश बरोड़ा) के 31 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त होने पर अस्पताल परिसर में गरिमामय विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह में अधिकारियों, सहकर्मियों और ग्रामीणों ने उनके सेवाकाल को याद करते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी। कार्यक्रम के बाद गांव में जिस आत्मीयता और उत्साह के साथ उनका स्वागत किया गया, वह लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहा। समारोह में अतिथि के रूप में डॉ. सुभाष बरिया, पशु चिकित्सक संस्था प्रभारी डॉ. भगवती लाल पाटीदार, डॉ. मनोज देवदा, डॉ. गोवर्धन खराड़ी, श्री लालसिंह चारेल, पूर्व पशु चिकित्सक श्री कैलाश चंद्र पाटीदार सहित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने श्री बारोट की कार्यशैली, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पित सेवाओं की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान जिम्मेदारियों का पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निर्वहन किया तथा सहकर्मियों एवं ग्रामीणों के साथ हमेशा सहयोगात्मक व्यवहार रखा। सेवानिवृत्ति के बाद श्री बारोट के सम्मान में सकरावदा गांव में विशेष स्वागत किया गया। ग्रामीणों और सहयोगियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर एवं साफा बांधकर उनका सम्मान किया। इसके बाद ढोल-नगाड़ों की गूंज और आतिशबाजी के बीच उन्हें ससम्मान विदाई दी गई। इस दौरान गांव में उत्सव जैसा माहौल दिखाई दिया। विदाई के दौरान कई लोग भावुक नजर आए। लंबे समय तक ग्रामीणों और पशु चिकित्सालय से जुड़े रहने के कारण श्री बारोट की सेवानिवृत्ति उनके सहकर्मियों और ग्रामीणों के लिए भावुक पल बन गई। उपस्थितजनों ने उनके स्वस्थ, सुखी एवं खुशहाल भविष्य की कामना की। सकरावदा में मिली यह विदाई इस बात की मिसाल बनी कि समर्पण और ईमानदारी से की गई सेवा व्यक्ति को सेवानिवृत्ति के बाद भी लोगों के दिलों में सम्मान दिलाती है। रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत |
रतलाम / सैलाना (सकरावदा)। पशु चिकित्सालय सकरावदा में पदस्थ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी श्री रमेशचंद्र बारोट (रमेश बरोड़ा) के 31 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त होने पर अस्पताल परिसर में गरिमामय विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह में अधिकारियों, सहकर्मियों और ग्रामीणों ने उनके सेवाकाल को याद करते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी। कार्यक्रम के बाद गांव में जिस आत्मीयता और उत्साह के साथ उनका स्वागत किया गया, वह लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहा।
समारोह में अतिथि के रूप में डॉ. सुभाष बरिया, पशु चिकित्सक संस्था प्रभारी डॉ. भगवती लाल पाटीदार, डॉ. मनोज देवदा, डॉ. गोवर्धन खराड़ी, श्री लालसिंह चारेल, पूर्व पशु चिकित्सक श्री कैलाश चंद्र पाटीदार सहित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने श्री बारोट की कार्यशैली, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पित सेवाओं की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान जिम्मेदारियों का पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निर्वहन किया तथा सहकर्मियों एवं ग्रामीणों के साथ हमेशा सहयोगात्मक व्यवहार रखा।
सेवानिवृत्ति के बाद श्री बारोट के सम्मान में सकरावदा गांव में विशेष स्वागत किया गया। ग्रामीणों और सहयोगियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर एवं साफा बांधकर उनका सम्मान किया। इसके बाद ढोल-नगाड़ों की गूंज और आतिशबाजी के बीच उन्हें ससम्मान विदाई दी गई। इस दौरान गांव में उत्सव जैसा माहौल दिखाई दिया।
विदाई के दौरान कई लोग भावुक नजर आए। लंबे समय तक ग्रामीणों और पशु चिकित्सालय से जुड़े रहने के कारण श्री बारोट की सेवानिवृत्ति उनके सहकर्मियों और ग्रामीणों के लिए भावुक पल बन गई। उपस्थितजनों ने उनके स्वस्थ, सुखी एवं खुशहाल भविष्य की कामना की। सकरावदा में मिली यह विदाई इस बात की मिसाल बनी कि समर्पण और ईमानदारी से की गई सेवा व्यक्ति को सेवानिवृत्ति के बाद भी लोगों के दिलों में सम्मान दिलाती है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत