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भाई बहन के अटूट रिश्ते पर महंगाई के इस दौर में भी मार जमकर रक्षाबंधन मनाया चीताखेड़ा । भाई बहन के प्रति स्नेह और अटूट शाश्वत पवित्र बंधन का प्रतीक रक्षाबंधन का पावन त्यौहार शुक्रवार को परंपरागत उत्साह के साथ मनाया गया। भाई बहन के अटूट रिश्ते पर महंगाई की मार साफ तौर पर दिखाई दी, फिर भी त्योहार को फीका नहीं होने दिया। पूरा सावन भी चला गया पर क्षेत्र में ठीक से नहीं बरसे मेघ। कम बारिश के चलते रक्षाबंधन के पवित्र त्यौहार पर बाजार में रौनक चरम पर दिखाई दी। बाजार में भी रंग बिरंगी राखियों से गुलजार हो रहे हैं, वहीं इन राखियों पर महंगाई की मार की झलक आसानी से देखने को मिली इस के बावजूद भी भाई-बहनों ने जमकर खरीदारी कर त्योहार धूमधाम से मनाया। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार फिर राखियों के दामों में बढ़ोतरी देखने को मिली, जिससे गरीब तबके के लोगों में कुछ उत्साह कम नहीं होने दिया। देखने में राखी का धागा बहुत साधारण होता है, लेकिन इसमें भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और भावनाओं की पूरी दुनिया समाई होती है। क्षेत्र खेती किसानी हर होने के कारण बाजारों की रौनक त्योहारी सीजन में कम ही लौट पाई है। हालांकि रक्षा सूत्र के राखी की दुकानें बस स्टैंड और चैनपुरा चौराहा तक सजी हुई है।जहां छूटकर रक्षा सूत्र बहने अपने भाई के लिए खरीदती हुई बड़ी भीड़ दिखाई दी। *फेंसी राखियों का चलन बढ़ा*- आधुनिकता एवं फैशन के दौर में पुरानी पसंद रेशमी व सूती धागे का चलन घट गया है और इन राखियों की जगह फैंसी राखियों का चलन बढ़ गया है। इसी के चलते बाजार में छोटे बच्चों के लिए कार्टून मोटू -पतलू, इलेक्ट्रॉनिक राखियां, छोटा भीम, स्पाइडर मैन ,डोरीमोन, पबजी आदि राखियां आ गई है। इस बार 2 रुपए से लेकर 200 रुपए तक की राखियां बिकी है। सोने-चांदी के पदचिन्हों पर चली चीनी सोने-चांदी के पदचिन्हों पर चली चीनी, महंगाई के दौर में त्योहार को नजदीक देख चीनी के भी भाव इतने बढ़ गए कि किचन का बेलेंस बिगड़ गया है। मिठाई व्यापारियों ने महंगाई के चलते मिठाईयां इस बार कम ही बनाई है। हर वर्ष के अनुमान से काफी कम बारिश के कारण व्यापार भी क्षेत्र का प्रभावित रहा। मिठाई व्यापारी शांतिलाल जैन बताया कि शक्कर के भाव आसमान पर पहुंच गए हैं जिसके बावजूद भी त्यौहारी सीजन में ग्राहकी बेहतरीन रही। ग्राहकों ने जमकर मिठाईयां ले गए । मिठाई व्यापारी ईश्वर लाल माली का कहना है कि मिठाई तो जमकर बिकी, लेकिन गत वर्ष की तुलना में इस बार मार्केट अच्छा रहा। कपड़ा व्यापारी रजनीश दक ने बताया कि कपड़े का व्यवसाय गत वर्ष रक्षाबंधन की तुलना में इस वर्ष कम ही रहा है।इस महंगाई की मार के बावजूद भी भाई-बहन के पर्व रक्षाबंधन पर बहनों द्वारा अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर मुंह मीठा कराया और रक्षा का वचन दिया इसी के साथ भाई ने बहन को आर्शीवाद के रूप में गिफ्ट दिया। |