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नीमच : राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जन्मजात विकृतियों से ग्रसित बच्चों की पहचान कर उन्हें निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने का कार्य जिले में निरंतर किया जा रहा है। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे बच्चों को चिन्हित कर विशेषज्ञ चिकित्सकों के माध्यम से उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसी क्रम में 20 अगस्त 2026 को अनुष्का फाउंडेशन फॉर एलिमिनेटिंग क्लब फुट, भोपाल के सहयोग से जिला चिकित्सालय नीमच में क्लब फुट शिविर आयोजित किया गया। शिविर में क्लब फुट से ग्रसित 9 बच्चों का परीक्षण एवं उपचार किया गया। इनमें 2 बच्चों को प्लास्टर लगाया गया, 5 बच्चों को करेक्टिव शूज उपलब्ध कराए गए, जबकि 2 बच्चों की जिला चिकित्सालय में टेनोटॉमी सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। क्लब फुट जन्मजात पैर की विकृति है, जिसका समय पर उपचार नहीं होने पर बच्चे के चलने-फिरने में कठिनाई हो सकती है। आरबीएसके के माध्यम से ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ उपचार से जोड़ने का उद्देश्य यही है कि जन्मजात विकृति के कारण किसी बच्चे का भविष्य प्रभावित न हो और वह सामान्य जीवन की ओर आगे बढ़ सके। शिविर में माही रावत (सिंगाड़िया, रामपुरा), प्रांजल पटेल (खेताखेड़ा, नीमच), निहाल चौहान (चल्दू, नीमच), जोहरान कुरैशी (नीमच), मीताली बघाना (नीमच), पीयूष मीणा (रामपुरा), फरहान कुरैशी (नीमच), अक्षिता चौहान तथा अदिविका भील (सिंगोली) को उपचार का लाभ मिला। समय पर पहचान, सही उपचार और बेहतर भविष्य आरबीएसके के अंतर्गत बच्चों में जन्मजात विकृतियों की समय पर पहचान कर उन्हें उपचार से जोड़ने की पहल बच्चों के स्वस्थ एवं सामान्य भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। क्लब फुट जैसे मामलों में समय पर उपचार मिलने से बच्चों को चलने-फिरने में होने वाली संभावित परेशानियों से बचाया जा सकता है। जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे बच्चों तक उपचार की सुविधा पहुंचाने का कार्य लगातार जारी है। शिविर में जिला चिकित्सालय के आर्थोपेडिक सर्जन डॉ.अतुल सोलंकी एवं उनकी टीम द्वारा आवश्यक उपचार एवं सर्जरी की गई। इस दौरान शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश मौर्य, प्रोग्राम एक्जीक्यूटिव ऑफिसर श्री संतोष तात्या, आरबीएसके प्रबंधक श्री दिनेश मालवीय सहित आरबीएसके डीईआईसी की टीम उपस्थित रही। यह पूरी उपचार प्रक्रिया बच्चों को निःशुल्क उपलब्ध कराई गई। |