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रतलाम / सैलाना सैलाना तहसील कार्यालय गुरुवार को जनजागरूकता, जवाबदेही और सुशासन का ऐसा केंद्र बना, जहां प्रशासन और आमजन के बीच विश्वास की नई इबारत लिखी गई। मध्यप्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2010 को लेकर आयोजित विशाल जागरूकता कार्यशाला ने न केवल नागरिक अधिकारों को लेकर नई चेतना जगाई, बल्कि यह संदेश भी दिया कि अब शासन की सेवाएं किसी कृपा का विषय नहीं, बल्कि जनता का कानूनी अधिकार हैं। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तरुण जैन की पहल और मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रभावशाली कार्यशाला में प्रशासन, मीडिया, किसान और आमजन एक ही मंच पर दिखाई दिए। सभागृह में उमड़ी भीड़ और लोगों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को किसी आंदोलन जैसी ऊर्जा प्रदान की। कार्यशाला का उद्देश्य था कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र का हर व्यक्ति अपने अधिकारों को समझे, शासन की सेवाओं तक आसानी से पहुंचे और समय पर लाभ प्राप्त करे। एसडीएम तरुण जैन ने अपने संबोधन में स्पष्ट शब्दों में कहा कि “लोक सेवा गारंटी अधिनियम जनता को सशक्त बनाने वाला कानून है। अब नागरिकों को प्रमाण पत्रों और राजस्व कार्यों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। तय समय-सीमा में सेवा देना प्रशासन की जवाबदेही है।” उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी द्वारा लापरवाही की जाती है तो नागरिकों को अपील और शिकायत का पूरा अधिकार प्राप्त है। कार्यशाला में लगभग 350 से अधिक सेवाओं की जानकारी विस्तारपूर्वक दी गई। जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र, खसरा-नकल, नामांतरण, सीमांकन सहित अनेक महत्वपूर्ण सेवाओं की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया गया। अधिकारियों ने ऑनलाइन आवेदन प्रणाली, शिकायत निवारण व्यवस्था और डिजिटल सेवाओं की जानकारी देकर नागरिकों को तकनीकी रूप से भी जागरूक किया। कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता प्रशासन और मीडिया के बीच बना मजबूत समन्वय रहा। प्रसासन ने माना कि मीडिया ही वह सशक्त माध्यम है, जो शासन की योजनाओं और अधिकार आधारित सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाकर लोगों को जागरूक बनाता है। भीषण गर्मी के बीच एसडीएम द्वारा लोक सेवा केंद्र पर पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देशों ने संवेदनशील प्रशासन की तस्वीर पेश की। किसानों और आम नागरिकों ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं, जिनका अधिकारियों ने मौके पर समाधान कर भरोसा मजबूत किया। कार्यक्रम में नायब तहसीलदार रामकलेश साकेत, कृषि विभाग के अनुविभागीय अधिकारी नानसिंह मंडलोई, सीएमओ मनोज शर्मा, सुंदर खन्ना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं वरिष्ठ पत्रकार संतोष धभाई, विमल कटारिया, कृष्णा राठौर एवं संजय शर्मा सहित मीडिया प्रतिनिधियों की सक्रिय मौजूदगी ने आयोजन को नई ऊंचाई दी। सैलाना की यह कार्यशाला अब केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि जनता के अधिकार, पारदर्शी प्रशासन और जवाबदेह व्यवस्था की दिशा में उठाया गया ऐतिहासिक कदम बन चुकी है। |