रतलाम जिले की सर्किल जेल से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने जेल सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जेल में बंद 19 वर्षीय युवक के साथ कथित यौन शोषण के मामले में अब न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए रतलाम पुलिस अधीक्षक (एसपी) को आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही जेल प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, जावरा पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत एक 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया था, जिसे न्यायालय के आदेश पर रतलाम सर्किल जेल भेजा गया। जेल में बंद रहने के दौरान युवक ने आरोप लगाया कि एक अन्य बंदी ने उसके साथ यौन शोषण किया। पीड़ित ने मुलाकात के समय अपने पिता को पूरी घटना बताई, जिसके बाद परिजनों ने जेल प्रबंधन से मौखिक शिकायत की, लेकिन आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
इसके बाद पीड़ित के पिता ने जावरा के अधिवक्ता देवेंद्र भटनागर से संपर्क किया। अधिवक्ता 8 मई को रतलाम पहुंचे और जेल प्रशासन को लिखित रूप से शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। बावजूद इसके जेल अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे कोर्ट में उठाया गया।
जावरा स्थित एनडीपीएस एक्ट के विशेष न्यायाधीश ने पूरे प्रकरण की सुनवाई के बाद कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी बंदी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने और जेल के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के आदेश के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। यह मामला अब जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और मानवाधिकार व जेल सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे
रिपोर्टर जितेंद्र कुमावत
रतलाम सर्किल जेल में सनसनी : बंदी से यौन शोषण का मामला, कोर्ट सख्त—एसपी को FIR के आदेश, जेल अधिकारियों पर भी गिरेगी गाज....
रतलाम जिले की सर्किल जेल से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने जेल सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जेल में बंद 19 वर्षीय युवक के साथ कथित यौन शोषण के मामले में अब न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए रतलाम पुलिस अधीक्षक (एसपी) को आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही जेल प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, जावरा पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत एक 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया था, जिसे न्यायालय के आदेश पर रतलाम सर्किल जेल भेजा गया। जेल में बंद रहने के दौरान युवक ने आरोप लगाया कि एक अन्य बंदी ने उसके साथ यौन शोषण किया। पीड़ित ने मुलाकात के समय अपने पिता को पूरी घटना बताई, जिसके बाद परिजनों ने जेल प्रबंधन से मौखिक शिकायत की, लेकिन आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
इसके बाद पीड़ित के पिता ने जावरा के अधिवक्ता देवेंद्र भटनागर से संपर्क किया। अधिवक्ता 8 मई को रतलाम पहुंचे और जेल प्रशासन को लिखित रूप से शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। बावजूद इसके जेल अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे कोर्ट में उठाया गया।
जावरा स्थित एनडीपीएस एक्ट के विशेष न्यायाधीश ने पूरे प्रकरण की सुनवाई के बाद कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी बंदी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने और जेल के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के आदेश के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। यह मामला अब जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और मानवाधिकार व जेल सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे