रतलाम / बाजना
सैलाना विधानसभा क्षेत्र के बाजना ब्लॉक से एक बड़ी राजनीतिक हलचल सामने आई है। कुंडल ग्राम पंचायत के सरपंच लालचंद चारेल ने कांग्रेस पार्टी का साथ छोड़कर भारत आदिवासी पार्टी (BAP) की सदस्यता ग्रहण कर ली। यह सदस्यता उन्होंने सैलाना स्थित विधायक कार्यालय में विधायक कमलेश्वर डोडियार की मौजूदगी में ली, जहां उन्हें पार्टी का पीला गमछा पहनाकर औपचारिक रूप से BAP में शामिल किया गया।
क्षेत्रीय राजनीति में इस घटनाक्रम को कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। ग्रामीण स्तर पर सरपंच की राजनीतिक पकड़ और सामाजिक प्रभाव को देखते हुए लालचंद चारेल का दल बदलना आगामी पंचायत और विधानसभा राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। बाजना और आसपास के आदिवासी क्षेत्रों में भारत आदिवासी पार्टी लगातार अपनी पकड़ मजबूत करती दिखाई दे रही है, और यह नया जुड़ाव उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
सदस्यता ग्रहण करने के बाद सरपंच लालचंद चारेल ने कहा कि उन्होंने भारत आदिवासी पार्टी की विचारधारा से प्रभावित होकर यह निर्णय लिया है। उनका कहना था कि BAP समाज में परिवर्तन लाने का कार्य कर रही है और यहां जाजम पर लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुसार निर्णय लिए जाते हैं, जो उन्हें बेहद पसंद आया। इसी सोच और व्यवस्था से प्रेरित होकर उन्होंने पार्टी जॉइन की है।
विधायक कमलेश्वर डोडियार ने सरपंच का स्वागत करते हुए कहा कि भारत आदिवासी पार्टी आदिवासी समाज, ग्रामीण हितों और जनसरोकारों की आवाज बनकर उभर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि कुंडल सरपंच के जुड़ने से क्षेत्र में पार्टी को और मजबूती मिलेगी तथा समाजहित के मुद्दों को अधिक प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कुंडल सरपंच का कांग्रेस छोड़कर BAP में जाना बाजना क्षेत्र के ग्रामीण राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। आने वाले समय में इसका असर स्थानीय संगठन और जनाधार पर साफ दिखाई देने की संभावना है।
रिपोर्टर जितेंद्र कुमावत