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मंदसौर। भ्रष्टाचार के खिलाफ उज्जैन लोकायुक्त पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सीतामऊ जनपद की ग्राम पंचायत कयामपुर में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक नाथ को 6,000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर प्रधानमंत्री आवास योजना की तीसरी किस्त जारी कराने के एवज में हितग्राही से रिश्वत मांगने का आरोप है। जानकारी के अनुसार कयामपुर निवासी गोरधन उर्फ कारूलाल माली के नाम प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ था। आवास की पहली और दूसरी किस्त प्राप्त होने के बाद तीसरी किस्त के 40 हजार रुपए जारी कराने के लिए वह ग्राम पंचायत कार्यालय पहुंचा। आरोप है कि कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक नाथ ने इसके एवज में 10 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। पीड़ित ने 1 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त उज्जैन को लिखित शिकायत दी। लोकायुक्त निरीक्षक हीना डाबर द्वारा शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। सत्यापन के दौरान आरोपी 8 हजार रुपए लेने पर सहमत हुआ, जबकि 2 हजार रुपए वह पहले ही ले चुका था। इसके बाद 6 अक्टूबर को लोकायुक्त टीम ने ट्रैप कार्रवाई की। आवेदक को शेष 6 हजार रुपए लेकर सुवासरा रोड स्थित रूपनी चौराहा के होटल रुद्राक्ष भेजा गया। जैसे ही दीपक नाथ ने रिश्वत की राशि ली, लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त भोपाल योगेश देशमुख और पुलिस उप महानिरीक्षक लोकायुक्त मनोज कुमार सिंह के निर्देशन में की गई। ट्रैप दल में डीएसपी दिनेशचंद पटेल, निरीक्षक हीना डाबर सहित लोकायुक्त के 10 सदस्य शामिल रहे। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। |