मंदसौर। जिले के दलौदा में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) उज्जैन की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रिश्वतखोरों पर शिकंजा कसा है। लोन के लिए प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने के एवज में रिश्वत की मांग कर रही महिला सरपंच दुर्गा कैथवास और उनके पति अनिल कैथवास को EOW ने 3500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है।
जानकारी के अनुसार मुवाला निवासी पीड़ित विक्रम सिंह पिता तखत सिंह तहसील सीतामऊ को अपने मकान निर्माण के लिए बैंक लोन की आवश्यकता थी। लोन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए पंचायत से NOC की जरूरत थी, जिसके लिए उन्होंने ग्राम पंचायत दलौदा में एक आवेदन दिया था।
विक्रम सिंह ने बताया कि आवेदन देने के बाद से ही महिला सरपंच दुर्गा कैथवास और उनके पति अनिल कैथवास NOC जारी करने के एवज में 5,000 रुपये की रिश्वत की मांग कर रहे थे। पिछले एक महीने से उन्हें पंचायत के चक्कर लगवाए जा रहे थे। पीड़ित ने किसी तरह पूर्व में 500 रुपये दे दिए थे, लेकिन बाकी पैसों के बिना NOC देने से साफ इनकार किया जा रहा था।
आवेदक विक्रम सिंह ने EOW पुलिस अधीक्षक उज्जैन समर वर्मा से लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के सत्यापन के बाद EOW की टीम ने पकड़ने के लिए योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही आवेदक विक्रम सिंह ने आरोपी सरपंच और उनके पति को 3500 रुपये की किश्त सौंपी, EOW की टीम ने दबिश देकर दोनों को रंगे हाथों धर दबोच लिया।
EOW उज्जैन के डीएसपी रामनिवास यादव ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि आवेदक विक्रम सिंह को मकान निर्माण लोन के लिए पंचायत की NOC की आवश्यकता थी, जिसके लिए उनसे रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई करते हुए दलौदा सरपंच दुर्गा कैथवास और उनके पति अनिल कैथवास दोनों को 3500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।