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ग्रामीणों ने ली राहत की सांस रतनगढ़ वनपरिक्षेत्र के निमकाखेड़ा गांव की घटना सिंगोली । वनपरिक्षेत्र रतनगढ़ के अंतर्गत आने वाले ग्राम निमकाखेड़ा में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक खेत में करीब 7 फीट लंबा विशालकाय अजगर रेंगता हुआ दिखाई दिया। अजगर को देखते ही ग्रामीणों के हाथ-पांव फूल गए। हालांकि, वन विभाग की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे रतनगढ़ के घने जंगलों में छोड़ दिया। इसके बाद ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।सूचना मिलते ही हरकत में आई टीमजानकारी के अनुसार ग्राम निमकाखेड़ा निवासी दशरथ पिता बोतलाल धाकड़ के खेत में ग्रामीणों ने इस भारी-भरकम अजगर को देखा था। आबादी क्षेत्र के नजदीक अजगर होने से मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत वन विभाग को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही वनमण्डलाधिकारी (DFO) एस.के. अटोदे एवं उप वनमण्डलाधिकारी श्रीमती सरोज सिंह के मार्गदर्शन में रतनगढ़ वन परिक्षेत्राधिकारी बाबूलाल दायमा के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची।कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबूखेत में छिपे अजगर को पकड़ना वन कर्मियों के लिए बड़ी चुनौती था। परिक्षेत्र सहायक राजू कबाड़िया (वनपाल) बीट प्रभारी नारदा तरुण बोरीवाल (कार्यवाहक वनपाल) और बीट प्रभारी बाणदा प्रथम मदनलाल धनगर ने भारी सूझबूझ और तत्परता का परिचय दिया। टीम ने बिना किसी नुकसान के लगभग 7 फीट लंबे अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया। प्राकृतिक आवास में किया गया मुक्त रतनगढ़ वनपरिक्षेत्राधिकारी बाबूलाल दायमा ने बताया कि रेस्क्यू किया गया अजगर पूरी तरह स्वस्थ था। उसे आबादी क्षेत्र से दूर रतनगढ़ परिक्षेत्र के घने जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया है, ताकि वह अपने प्राकृतिक आवास में रह सके। वन विभाग की इस त्वरित और सफल कार्रवाई पर क्षेत्र के ग्रामीणों ने टीम की जमकर सराहना की है। रिपोर्ट : दिनेश जी जोशी |