रतलाम। अशोकनगर स्थित प्रसिद्ध श्री गंगा जरिया महादेव मंदिर परिसर में रविवार को श्रद्धा, आस्था और धार्मिक एकजुटता का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। कुछ समय पूर्व असामाजिक तत्वों द्वारा मंदिर परिसर में श्री बजरंगबली महाराज की प्रतिमा खंडित किए जाने की घटना के बाद उसी स्थान पर विधि-विधान और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ प्रतिमा की पुनः स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन किया गया। आयोजन में सकल हिंदू समाज सहित विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, श्रद्धालु तथा प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी उपस्थित रहे।
प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में गुना से विशेष रूप से पधारे श्री श्री 1008 बालकदास जी महाराज का विशेष सानिध्य प्राप्त हुआ। वहीं पं. दुर्गेश जी रावल के सानिध्य में विधि-विधानपूर्वक पूजन, प्राण प्रतिष्ठा एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। इस दौरान मंदिर परिसर में अखंड सुंदरकांड पाठ सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन हुए। मंत्रोच्चार और जय श्रीराम तथा बजरंगबली महाराज के जयघोष से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया।
कार्यक्रम में प्रशासन एवं पुलिस की ओर से भी महत्वपूर्ण उपस्थिति रही। तहसीलदार कुलभूषण शर्मा, CSP सत्येंद्र घनघोरिया, सिटी मजिस्ट्रेट संजय शर्मा एवं थाना प्रभारी माणक चौक विक्रम सिंह चौहान सहित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने आयोजन में उपस्थित होकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और धार्मिक कार्यक्रम को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने में सहयोग किया।
आयोजकों ने कहा कि खंडित प्रतिमा की पुनः स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि श्रद्धा, आस्था और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक है। जिस स्थान पर धार्मिक आस्था को ठेस पहुंची थी, वहीं विधि-विधान से बजरंगबली महाराज की पुनः स्थापना श्रद्धालुओं के लिए विशेष भावनात्मक और आध्यात्मिक महत्व रखती है।
सकल हिंदू समाज एवं समस्त हिंदू संगठनों की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गई कि धार्मिक आयोजनों में शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं गरिमापूर्ण तरीके से सहभागिता करते हुए सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश दें। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता ने धार्मिक आस्था और सामाजिक एकजुटता का प्रभावी संदेश दिया।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत