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रतलाम / सैलाना। पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और भारतीय संस्कृति के प्रति युवाओं में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विकासखंड सैलाना, जिला रतलाम में नेतृत्व विकास पाठ्यक्रम की कक्षा के अंतर्गत “माटी गणेश सिद्ध गणेश अभियान” का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। महाविद्यालय सैलाना में आयोजित इस प्रशिक्षण में नेतृत्व विकास पाठ्यक्रम से जुड़े छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और मिट्टी से भगवान गणेश की प्रतिमा निर्माण की कला सीखी। प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं जन अभियान परिषद के अध्यक्ष डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार चलाए जा रहे इस अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति युवाओं में जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में विकासखंड समन्वयक श्री रतनलाल चरपोटा ने कहा कि नेतृत्व विकास पाठ्यक्रम के माध्यम से वर्षभर आयोजित होने वाली कक्षाओं एवं प्रशिक्षण गतिविधियों का उद्देश्य युवाओं में पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने कहा कि मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने का अभियान केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि युवाओं के माध्यम से गांव-गांव तक पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचना चाहिए। प्रशिक्षण के दौरान युवा सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रशिक्षक श्री विक्रम शर्मा ने विद्यार्थियों को मिट्टी से भगवान गणेश की प्रतिमा बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। साथ ही भगवान गणेश के जीवन एवं उनके संदेशों से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछकर विद्यार्थियों से संवाद किया। विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक प्रश्नोत्तरी में भाग लिया। इस अवसर पर राज्य कार्यालय द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार नेतृत्व विकास पाठ्यक्रम की कक्षा का संचालन एवं निरीक्षण भी किया गया। पाठ्यक्रम से संबंधित ऐप अपलोड, असाइनमेंट, चयन, प्रोफाइल एवं आवश्यक दस्तावेजों का निरीक्षण किया गया। विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की पुस्तकें वितरित करने के साथ ही पाठ्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों एवं बारीकियों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विश्व कल्याण सेवा समिति के संस्था प्रमुख श्री विक्रम कुमार शर्मा, परामर्शदाता पवन पारगी एवं दिनेश कुमार गहलोत सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। आयोजकों ने कहा कि माटी गणेश अभियान आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता है। मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं को अपनाकर जल स्रोतों एवं प्रकृति को प्रदूषण से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को “परंपरा भी, पर्यावरण भी” का संदेश देते हुए अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया गया। रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत |
रतलाम / सैलाना। पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और भारतीय संस्कृति के प्रति युवाओं में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विकासखंड सैलाना, जिला रतलाम में नेतृत्व विकास पाठ्यक्रम की कक्षा के अंतर्गत “माटी गणेश सिद्ध गणेश अभियान” का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। महाविद्यालय सैलाना में आयोजित इस प्रशिक्षण में नेतृत्व विकास पाठ्यक्रम से जुड़े छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और मिट्टी से भगवान गणेश की प्रतिमा निर्माण की कला सीखी।
प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं जन अभियान परिषद के अध्यक्ष डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार चलाए जा रहे इस अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति युवाओं में जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में विकासखंड समन्वयक श्री रतनलाल चरपोटा ने कहा कि नेतृत्व विकास पाठ्यक्रम के माध्यम से वर्षभर आयोजित होने वाली कक्षाओं एवं प्रशिक्षण गतिविधियों का उद्देश्य युवाओं में पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने कहा कि मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने का अभियान केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि युवाओं के माध्यम से गांव-गांव तक पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचना चाहिए।
प्रशिक्षण के दौरान युवा सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रशिक्षक श्री विक्रम शर्मा ने विद्यार्थियों को मिट्टी से भगवान गणेश की प्रतिमा बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। साथ ही भगवान गणेश के जीवन एवं उनके संदेशों से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछकर विद्यार्थियों से संवाद किया। विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक प्रश्नोत्तरी में भाग लिया।
इस अवसर पर राज्य कार्यालय द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार नेतृत्व विकास पाठ्यक्रम की कक्षा का संचालन एवं निरीक्षण भी किया गया। पाठ्यक्रम से संबंधित ऐप अपलोड, असाइनमेंट, चयन, प्रोफाइल एवं आवश्यक दस्तावेजों का निरीक्षण किया गया। विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की पुस्तकें वितरित करने के साथ ही पाठ्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों एवं बारीकियों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में विश्व कल्याण सेवा समिति के संस्था प्रमुख श्री विक्रम कुमार शर्मा, परामर्शदाता पवन पारगी एवं दिनेश कुमार गहलोत सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
आयोजकों ने कहा कि माटी गणेश अभियान आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता है। मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं को अपनाकर जल स्रोतों एवं प्रकृति को प्रदूषण से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है।
कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को “परंपरा भी, पर्यावरण भी” का संदेश देते हुए अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया गया।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत