रतलाम /सैलाना (करिया)। आस्था और श्रद्धा के प्रमुख केंद्र बाबा रामदेवजी मंदिर रामदेवरा (जैसलमेर) में भादवा बीज के दर्शन के लिए देशभर से हजारों श्रद्धालु पैदल, बसों एवं अन्य वाहनों से रामदेवरा की ओर रवाना हो रहे हैं। इसी धार्मिक यात्रा के बीच सैलाना-पिपलौदा मुख्य मार्ग पर स्थित ग्राम करिया श्रद्धालुओं की सेवा का प्रमुख पड़ाव बन गया है। यहां रामदेवरा भक्त समिति ग्राम करिया के तत्वावधान में 3 अगस्त से 13 सितंबर 2026 तक विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है।
भंडारे में रामदेवरा की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन-प्रसादी, चाय, नाश्ता, फलाहार सहित ठहरने और विश्राम की समुचित व्यवस्था की गई है। पैदल यात्रा के दौरान थकान या चोट लगने वाले श्रद्धालुओं के लिए मरहम-पट्टी, गोली-दवाई एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है। भंडारे में सेवा का सिलसिला देर रात तक जारी रहता है और रात्रि 2 बजे तक श्रद्धालु भोजन-प्रसादी ग्रहण करते देखे जा रहे हैं।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री यहां पहुंचकर भोजन-प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं। बताया गया कि रामदेवरा जाने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और भंडारा क्षेत्र में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है।
सेवा और श्रद्धा के इस महायज्ञ में ग्राम करिया के समस्त ग्रामवासी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभा रहे हैं। आसपास के गांवों के लोग भी अपनी क्षमता के अनुसार भंडारे में सहयोग कर रहे हैं। कोई भोजन व्यवस्था में जुटा है तो कोई श्रद्धालुओं को पानी, चाय-नाश्ता उपलब्ध कराने में लगा है। समिति के सदस्य दिन-रात व्यवस्थाओं को संभालते हुए श्रद्धालुओं की सेवा में तत्पर नजर आ रहे हैं।
भंडारे में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन के साथ आत्मीयता और सेवाभाव का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। पैदल यात्रा की थकान लेकर पहुंचने वाले यात्रियों को जब भोजन, विश्राम और प्राथमिक उपचार जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिलती हैं तो उनके चेहरे पर राहत और संतोष साफ दिखाई देता है।
ग्राम करिया में चल रहा यह भंडारा सिर्फ भोजन वितरण का आयोजन नहीं, बल्कि बाबा रामदेवजी के प्रति श्रद्धा, सामाजिक सहयोग और मानव सेवा की मिसाल बनता जा रहा है। रामदेवरा जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए ग्राम करिया का यह सेवा केंद्र लगातार आस्था और सेवा का संदेश दे रहा है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत