रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत
रतलाम / सैलाना। सैलाना क्षेत्र के करिया से दौलतपुरा मार्ग के बीच खेड़ा क्षेत्र में रिन्यू विंड (ReNew Wind) कंपनी की कथित लापरवाही और मनमानी के कारण सैकड़ों ग्रामीणों का जीवन संकट में पड़ गया है। कंपनी द्वारा पवन ऊर्जा परियोजना के लिए भारी-भरकम वाहनों और विंडमिल ब्लेड की आवाजाही से सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी कंपनी ने सड़क पर ग्रेवल (मोरम) डालकर उसका पुनर्निर्माण नहीं कराया। बरसात के मौसम में पूरा मार्ग दलदल में बदल गया है और ग्रामीणों का आवागमन लगभग ठप हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी ने पंचायत से एनओसी लेकर कार्य शुरू किया था और किसानों को मजबूत ग्रेवल सड़क उचित मुआवजा तथा नियमित रखरखाव का भरोसा दिया था। लेकिन आज स्थिति यह है कि सड़क पर चलना तक मुश्किल हो गया है। छोटे वाहन फंस जाते हैं और दोपहिया वाहन चालक रोज हादसे का जोखिम उठाने को मजबूर हैं।
सबसे गंभीर समस्या स्कूल जाने वाले बच्चों किसानों और गर्भवती महिलाओं बुजुर्गों और बीमार मरीजों की है। ग्रामीणों के अनुसार हाल ही में एक प्रसूता को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए खाट पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा। आने वाले दिनों में फिर एक डिलीवरी निर्धारित है, जिसे लेकर परिवारों में भय और चिंता का माहौल है। यदि किसी मरीज की हालत गंभीर हो जाए तो समय पर अस्पताल पहुंचना लगभग असंभव हो जाता है।
करीब 350 - 400 वाले आबादी वाले क्षेत्र में आदिवासी ग्रामीण और किसान इसी मार्ग पर निर्भर हैं। बारिश के दौरान बीच में आने वाले नाले पर पुलिया नहीं होने से कई-कई घंटे तक पानी उतरने का इंतजार करना पड़ता है। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते किसान खेतों तक नहीं पहुंच पाते और ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंपनी द्वारा सड़क से मिट्टी और गारा निकालकर उसे समतल भी नहीं किया गया जिससे बरसात में सड़क कीचड़ का तालाब बन गई है। यह स्थिति सीधे तौर पर ग्रामीणों की सुरक्षा और जीवन के अधिकार से जुड़ा गंभीर मामला बन चुकी है।
ग्रामीणों ने क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि परियोजना क्षेत्र में बिजली उत्पादन होने के बावजूद गांवों को निर्बाध बिजली नहीं मिल रही है। बार-बार बिजली कटौती से किसानों विद्यार्थियों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि क्षेत्र में 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को मूलभूत सुविधा का लाभ मिल सके।
ग्रामीणों ने रतलाम कलेक्टर मोहदय एसडीएम सैलाना तहसीलदार मोहदय जनपद पंचायत सैलाना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, ऊर्जा विभाग तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से तत्काल संयुक्त निरीक्षण कर कार्रवाई करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि रिन्यू विंड कंपनी के मैनेजर विनोद और इंजीनियर राधेश्याम बंजारा से जवाब-तलब किया जाए कि आखिर तीन वर्षों से सड़क का पुनर्निर्माण क्यों नहीं किया गया और रखरखाव अनुबंध की शर्तों का पालन क्यों नहीं हुआ। यदि कंपनी ने नियमों का उल्लंघन किया है तो उस पर आर्थिक दंड सहित आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
करिया-दौलतपुरा मार्ग पर तत्काल उच्च गुणवत्ता की ग्रेवल (मोरम) सड़क का निर्माण कराया जाए।
बीच के नाले पर शीघ्र पुलिया का निर्माण किया जाए।
सड़क का स्थायी रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।
क्षेत्र में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति शुरू की जाए।
कंपनी के कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार कंपनी प्रबंधन पर कार्रवाई की जाए।
बरसात के दौरान वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था की जाए ताकि किसी मरीज या गर्भवती महिला की जान जोखिम में न पड़े।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे जिला प्रशासन और राज्य शासन के समक्ष बड़ा जनआंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब पूरे क्षेत्र की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह सैकड़ों ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या पर कब संज्ञान लेकर राहत पहुंचाता है।