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रतलाम / सैलाना / आड़वानिया। सावन माह के पावन अवसर पर आयोजित होने वाली क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित भोले शंभू-भोलेनाथ विशाल गंगाजल कावड़ यात्रा को लेकर मंगलवार 4 अगस्त 2026 को आड़वानिया स्थित पाटीदार धर्मशाला में जनजाति विकास मंच के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में यात्रा को पहले से अधिक भव्य, सुव्यवस्थित और श्रद्धामय बनाने के लिए विस्तृत रणनीति तैयार की गई तथा विभिन्न जिम्मेदारियां कार्यकर्ताओं को सौंपी गईं। बैठक का आयोजन जनजाति विकास मंच के संयोजकों, सह-संयोजकों एवं भगत जिला प्रमुख कैलाश जी महाराज (कैलाश जी पंडा) के मार्गदर्शन एवं सानिध्य में संपन्न हुआ। बैठक में यात्रा के मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाएं, स्वागत स्थल, जलपान, अनुशासन एवं धार्मिक कार्यक्रमों सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। आयोजकों ने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी सावन के द्वितीय सोमवार, 10 अगस्त 2026 को प्रातः 10:00 बजे कावड़ यात्रा सैलाना तहसील कार्यालय के सामने स्थित राम जानकी मंदिर (तालाब) से विधि-विधान, पूजा-अर्चना एवं भगवान भोलेनाथ के जयघोष के साथ प्रारंभ होगी। इसके बाद हजारों शिवभक्त गंगाजल लेकर धार्मिक उत्साह और भक्ति भाव से यात्रा करते हुए श्री कल्याण केदारेश्वर महादेव मंदिर, आड़वानिया (सैलाना) पहुंचेंगे, जहां भगवान शिव का गंगाजल से जलाभिषेक कर यात्रा का समापन होगा। बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं, युवाओं, मातृशक्ति एवं सामाजिक संगठनों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कावड़ यात्रा को ऐतिहासिक और सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में एकता, संस्कृति और सनातन परंपराओं को सशक्त करने का माध्यम भी है। बैठक के समापन पर सभी श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष के साथ यात्रा की सफलता की कामना की तथा संकल्प लिया कि इस वर्ष की भोले शंभू-भोलेनाथ विशाल गंगाजल कावड़ यात्रा क्षेत्र की सबसे भव्य और अनुशासित धार्मिक यात्रा के रूप में नई पहचान स्थापित करेगी। रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत |
रतलाम / सैलाना / आड़वानिया। सावन माह के पावन अवसर पर आयोजित होने वाली क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित भोले शंभू-भोलेनाथ विशाल गंगाजल कावड़ यात्रा को लेकर मंगलवार 4 अगस्त 2026 को आड़वानिया स्थित पाटीदार धर्मशाला में जनजाति विकास मंच के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में यात्रा को पहले से अधिक भव्य, सुव्यवस्थित और श्रद्धामय बनाने के लिए विस्तृत रणनीति तैयार की गई तथा विभिन्न जिम्मेदारियां कार्यकर्ताओं को सौंपी गईं।
बैठक का आयोजन जनजाति विकास मंच के संयोजकों, सह-संयोजकों एवं भगत जिला प्रमुख कैलाश जी महाराज (कैलाश जी पंडा) के मार्गदर्शन एवं सानिध्य में संपन्न हुआ। बैठक में यात्रा के मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाएं, स्वागत स्थल, जलपान, अनुशासन एवं धार्मिक कार्यक्रमों सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
आयोजकों ने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी सावन के द्वितीय सोमवार, 10 अगस्त 2026 को प्रातः 10:00 बजे कावड़ यात्रा सैलाना तहसील कार्यालय के सामने स्थित राम जानकी मंदिर (तालाब) से विधि-विधान, पूजा-अर्चना एवं भगवान भोलेनाथ के जयघोष के साथ प्रारंभ होगी। इसके बाद हजारों शिवभक्त गंगाजल लेकर धार्मिक उत्साह और भक्ति भाव से यात्रा करते हुए श्री कल्याण केदारेश्वर महादेव मंदिर, आड़वानिया (सैलाना) पहुंचेंगे, जहां भगवान शिव का गंगाजल से जलाभिषेक कर यात्रा का समापन होगा।
बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं, युवाओं, मातृशक्ति एवं सामाजिक संगठनों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कावड़ यात्रा को ऐतिहासिक और सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में एकता, संस्कृति और सनातन परंपराओं को सशक्त करने का माध्यम भी है।
बैठक के समापन पर सभी श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष के साथ यात्रा की सफलता की कामना की तथा संकल्प लिया कि इस वर्ष की भोले शंभू-भोलेनाथ विशाल गंगाजल कावड़ यात्रा क्षेत्र की सबसे भव्य और अनुशासित धार्मिक यात्रा के रूप में नई पहचान स्थापित करेगी।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत