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इंदौर। शहर में यातायात विभाग की कार्रवाई को लेकर बाहरी राज्यों और जिलों से आए छात्रों में नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है। आरोप है कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लगभग हर एक-दो किलोमीटर पर चेकिंग पॉइंट लगाकर बाहरी नंबर की गाड़ियों को विशेष रूप से रोका जा रहा है और मामूली कारणों या तकनीकी आधार पर चालान किए जा रहे हैं। शिकायतों के अनुसार, यदि कोई छात्र अनजाने में यातायात नियमों का उल्लंघन कर देता है, जैसे गलत लेन में वाहन चला देता है, तो उसे पहले समझाइश देने के बजाय सीधे भारी-भरकम चालान थमा दिया जाता है। आरोप यह भी है कि यदि छात्र कार्रवाई पर सवाल उठाता है, तो उसके खिलाफ मोबाइल उपयोग जैसे अन्य प्रावधान जोड़कर ऑनलाइन चालान की राशि और बढ़ा दी जाती है। पीड़ितों का कहना है कि पुलिस का दायित्व पहले लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और आवश्यक समझाइश देना है। इसके बाद भी नियमों का उल्लंघन होने पर ही चालानी कार्रवाई की जानी चाहिए। लेकिन कुछ मामलों में इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा, जिससे विशेष रूप से पढ़ाई के लिए इंदौर आए छात्रों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। Chief Editor : Hemant Gupta - 8959884334 |