रतलाम/पिपलोदा (हतनारा)।
रतलाम जिले के पिपलोदा तहसील अंतर्गत ग्राम हतनारा में मोहर्रम के ताजिया जुलूस के दौरान हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से तीन लोगों की दर्दनाक मौत और करीब 10 से 15 लोगों के घायल होने की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। हादसे के बाद प्रशासन और विद्युत वितरण कंपनी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में विद्युत मंडल की लापरवाही सामने आने के बाद कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर मिशा सिंह और शहर एसडीएम तरुण जैन ने रतलाम मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। चिकित्सकों के अनुसार मेडिकल कॉलेज में भर्ती घायल खतरे से बाहर हैं।
पीड़ित पक्ष और हुसैनी कमेटी द्वारा एसडीएम रचना शर्मा, एसडीओपी संदीप मालवीय, तहसीलदार देवेंद्र कुमार दानगढ़, सीएसपी, पुलिस अधीक्षक सहित जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी कार्यालय ग्राम पंचायत हतनारा मौके पर पहुंचे प्रशासन को दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि मोहर्रम से पहले आयोजित शांति समिति की बैठक में विद्युत विभाग को जुलूस मार्ग से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन लाइन बंद करने और झूलते तारों को सुरक्षित ऊंचाई पर करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद न तो लाइन बंद की गई और न ही आवश्यक सुधार किए गए। आरोप है कि जमीन से करीब 20 फीट की ऊंचाई पर गुजर रही हाईटेंशन लाइन के कारण यह हादसा हुआ।
ज्ञापन में मृतकों राशिद खान, अरबाज और सद्दाम उर्फ साददू के नाम दर्ज करते हुए दोषी विद्युत अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने, घायलों के संपूर्ण इलाज, मृतकों के परिजनों को मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने की मांग की गई।
प्रशासन ने ज्ञापन पर लिखित घटना में पीड़ित व्यक्तियों को उचित मुआवजा एवं राहत हेतु भविष्य में विधि अनुसार कार्यवाही करना सुनिश्चित करेंगे / मुआवजा देने की व्यवस्था करेंगे।आश्वासन देते हुए मृतकों के परिजनों को 4 लाख की आर्थिक सहायता तत्काल 10 हजार से 20 हजार तक की राहत राशि सभी घायलों का पूरा इलाज कराने तथा मृतक परिवार के एक सदस्य को निजी ठेकेदार के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने की सहमति दी है। आवेदन पर अधिकारियों ने लिखित टिप्पणी करते हुए विधि अनुसार मुआवजा एवं राहत उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दर्ज किया है।
हादसे के बाद विद्युत विभाग ने भी कार्रवाई करते हुए शिकायत निवारण केंद्र हतनारा में पदस्थ घनश्याम गिर को ड्यूटी के दौरान लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जावरा रहेगा। वहीं बिजली श्रमिक समरथ मकवाना और गोबीलाल को भी कार्य में लापरवाही के चलते सेवा से पृथक करने के आदेश जारी किए गए हैं।
इस दौरान क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से चर्चा कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। मौके पर पिपलोदा जनपद अध्यक्ष डीपी धाकड़, राजेश भरावा, ईशू भाई, योगेंद्र सिंह, जन संघर्ष समिति के सदस्य असलम मेव, मोहम्मद उमेद तथा जनपद सदस्य गोपाल गेहलोत (वार्ड-9) सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। घटना ने विद्युत सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शांति समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों का पालन कर हाईटेंशन लाइन बंद कर दी जाती या तारों को सुरक्षित ऊंचाई पर कर दिया जाता, तो तीन लोगों की जान बच सकती थी। अब पूरे मामले में प्रशासनिक जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत