रतलाम /सुखेड़ा/पिपलौदा। पिपलौदा थाना क्षेत्र के ग्राम सुखेड़ा स्थित प्रसिद्ध जैन मंदिर में 21 जून को दिनदहाड़े हुई चोरी का पुलिस ने मात्र तीन दिनों में खुलासा कर दिया है। मामले में मंदिर के पुजारी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। चोरी में भगवान आदिनाथ की प्रतिमा पर चढ़ा लगभग 15 ग्राम वजनी सोने का हार तथा चांदी का सिद्ध चक्र चोरी किया गया था। घटना के खुलासे के बाद पूरे क्षेत्र में आश्चर्य और आक्रोश का माहौल है, क्योंकि जिस पुजारी पर मंदिर की सेवा और सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वही चोरी की साजिश में शामिल निकला।
पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) विवेक कुमार लाल एवं जावरा एसडीओपी संदीप मालवीय के मार्गदर्शन में विशेष जांच टीम गठित की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से लेकर आसपास के करीब 5 किलोमीटर क्षेत्र में लगे 30 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। लगातार तकनीकी और भौतिक साक्ष्य जुटाने के बाद संदेह मंदिर के पुजारी विशाल बैरागी निवासी ग्राम बुढ़ा, जिला मंदसौर पर गया।
पुलिस ने विशाल बैरागी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने चोरी में अपने दो साथियों सुनील चौहान निवासी गर्रावद एवं दीपक टेलर निवासी पहेड़ा, जिला मंदसौर की संलिप्तता स्वीकार कर ली। पूछताछ में सामने आया कि चोरी किया गया चांदी का सिद्ध चक्र राजस्थान में बेच दिया गया, जिसे खरीददार द्वारा गलाया जा चुका है। वहीं सोने का हार दिल्ली में बेच दिया गया था। पुलिस ने हार की बिक्री से प्राप्त 94 हजार रुपये नकद बरामद कर लिए हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए 10 रुपये के नोट पर संदेश लिखकर छोड़ा था। नोट पर अंग्रेजी में "जय जिनेन्द्र" तथा हिंदी में लिखा था कि यह चोरी नहीं है और 15 जुलाई को सामान वापस मिल जाएगा, ताकि जांच की दिशा भटकाई जा सके।
तीनों आरोपियों को जावरा न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने पुजारी विशाल बैरागी और दीपक टेलर को जेल भेज दिया, जबकि सुनील चौहान को पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है। पुलिस अब उसे दिल्ली ले जाकर सोने का हार खरीदने वाले व्यक्ति की पहचान और तस्दीक करेगी।
एसडीओपी संदीप मालवीय ने बताया कि मामले में आगे भी जांच जारी है और चोरी किए गए शेष सामान की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत