रतलाम/ सैलाना
सैलाना नगर के मुख्य मार्ग पर सोमवार को अचानक एक विशाल नीम का पेड़ गिरने से मची अफरा-तफरी अब राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद में बदल गई है। हादसे में कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए, जबकि सैलाना निवासी अरुण पिता राजेश राठौड़ (25 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने तत्काल राहत कार्य करते हुए घायल को शासकीय अस्पताल सैलाना पहुंचाया।
घटना के बाद मामला उस समय गरमा गया जब नगर परिषद सैलाना के एल्डरमैन नाथूलाल राठौड़ ने आरोप लगाया कि अस्पताल में घायल को समय पर उपचार नहीं मिला, जिसके चलते उसे निजी वाहन से रतलाम रेफर करना पड़ा। राठौड़ का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल घायल को शीघ्र उपचार दिलाना था, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और बाद में उनके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज करा दी।
दूसरी ओर, ड्यूटी पर तैनात डॉ. नीरज सिंह चौहान ने स्वयं के हस्ताक्षरयुक्त आवेदन में आरोप लगाया कि 1 जून को दोपहर करीब 12 बजे मरीज के उपचार के दौरान नाथूलाल राठौड़ एवं उनके साथ आए लोगों ने शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की, गाली-गलौज की, हाथापाई की तथा मारपीट की धमकी दी, जिससे उपचार प्रभावित हुआ। आवेदन के आधार पर थाना सैलाना में अपराध क्रमांक 183/2026 दर्ज करते हुए बीएनएस की विभिन्न धाराओं तथा मध्यप्रदेश चिकित्सक एवं चिकित्सा सेवा व्यक्तियों से संबंधित सुरक्षा अधिनियम-2008 के तहत मामला कायम किया गया।
एफआईआर दर्ज होने के बाद बुधवार को मामला राजनीतिक रंग लेता नजर आया। एल्डरमैन नाथूलाल राठौड़ के समर्थन में भाजपा मंडल अध्यक्ष पंकज राठौड़, जिला कार्यकारिणी सदस्य श्याम धाकड़, पूर्व मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र जायसवाल, महामंत्री सुभाष भाभर, किसान नेता बाबूलाल पाटीदार, दिनेश आसरा, पार्षद किशोर कसेरा, विशाल धबाई, शैतान सिंह पटेल, पूर्व पार्षद ललित कसेरा सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और नगर के वरिष्ठजन सैलाना थाने पहुंचे और धरना देकर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
थाना प्रभारी पिंकी आकाश ने मीडिया से चर्चा में स्पष्ट किया कि डॉक्टर की शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नाथूलाल राठौड़ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं नाथूलाल राठौड़ द्वारा दिए गए आवेदन पर भी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि उपचार में लापरवाही या इलाज से इनकार की बात सामने आती है तो संबंधित विभाग को प्रतिवेदन भेजा जाएगा।
भाजपा मंडल अध्यक्ष पंकज राठौड़ ने बताया कि थाना प्रभारी से हुई चर्चा में सात दिन के भीतर मामले की जांच कर रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेजने का आश्वासन मिला है।
एक पेड़ गिरने से शुरू हुआ हादसा अब सैलाना में डॉक्टर बनाम जनप्रतिनिधि और प्रशासन के बीच विवाद का रूप ले चुका है। पूरे मामले पर नगरवासियों की नजरें टिकी हैं और सभी को जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जो इस बहुचर्चित विवाद की सच्चाई सामने लाएगी।
रिपोर्टर : जितेन्द्र कुमावत