रतलाम / पिपलोदा
रतलाम जिले में मादक पदार्थ तस्करों और फरार अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन क्लीन” के तहत पिपलोदा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में पिछले लगभग दो वर्षों से फरार चल रहे ₹5 हजार के इनामी आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई को जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार (भा.पु.से.) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विवेक कुमार लाल एवं एसडीओपी जावरा श्री संदीप मालवीय के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी पिपलोदा निरीक्षक रमेश कोली के नेतृत्व में गठित टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
जानकारी के अनुसार, 18 अगस्त 2024 को पिपलोदा पुलिस ने माउखेड़ी-पंचेवा आम रोड पर एक अल्टो कार से अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा जब्त किया था। इस मामले में थाना पिपलोदा में अपराध क्रमांक 269/2024 धारा 8/15, 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। जांच के दौरान आरोपी अजय सिंघानिया एवं सोनू मीणा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था, जबकि तीसरा आरोपी कालूराम पिता श्यामलाल सुथार, निवासी हिंगोरिया, थाना कपासन, जिला चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक द्वारा ₹5 हजार का नगद इनाम घोषित किया गया था।
फरार आरोपी की तलाश के लिए उपनिरीक्षक राजू मखोड (चौकी प्रभारी सुखेड़ा) के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। साइबर सेल की तकनीकी सहायता, मुखबिर तंत्र और लगातार निगरानी के आधार पर पुलिस टीम राजस्थान के चित्तौड़गढ़ पहुंची, जहां 02 जून 2026 को आरोपी कालूराम सुथार को दबोच लिया गया।
पुलिस अब आरोपी से मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े नेटवर्क और अन्य सहयोगियों के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन क्लीन के तहत जिले में फरार वारंटियों, इनामी अपराधियों और संगठित अपराधों में शामिल तत्वों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
इस उल्लेखनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रमेश कोली, उपनिरीक्षक राजू मखोड, आरक्षक विजयपाल सिंह, हीरालाल आर्य, जितेन्द्र माली तथा साइबर सेल रतलाम से आरक्षक तुषार सिसोदिया की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही।
पिपलोदा पुलिस की इस कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप और आमजन में सुरक्षा का भरोसा मजबूत हुआ है।
Crime reporter Jitendra Kumawat