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Iran और United States के बीच जारी तनाव के बीच एक बड़ी कूटनीतिक हलचल सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों देशों के बीच 60 दिनों के युद्धविराम और परमाणु वार्ता को लेकर प्रारंभिक सहमति बनने की खबर है। हालांकि इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अभी अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की मंजूरी बाकी बताई जा रही है। इसी बीच हालात तब और तनावपूर्ण हो गए जब अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदर अब्बास क्षेत्र के पास नए हवाई हमले किए। जवाब में ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले का दावा किया। कुवैत की सुरक्षा एजेंसियों ने कई मिसाइल और ड्रोन को हवा में ही नष्ट करने की जानकारी दी है। मध्य पूर्व का सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग माना जाने वाला होर्मुज जलडमरूमध्य भी इस संघर्ष के केंद्र में आ गया है। अमेरिका ने ईरान से जुड़े कई नए प्रतिबंध लागू किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तो इसका असर पूरी दुनिया के तेल व्यापार और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ सकता है। दूसरी ओर ईरान के भीतर भी आर्थिक संकट गहराता दिखाई दे रहा है। खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी और इंटरनेट प्रतिबंधों को लेकर जनता में नाराजगी बढ़ रही है। कई शहरों में लोगों ने महंगाई के खिलाफ विरोध जताया है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि जल्द कोई स्थायी समझौता नहीं हुआ तो यह संघर्ष पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। |